झांसी के ग्वालियर रोड पर सखी हनुमान मंदिर (Sakhi Hanuman Mandir), जहां बजरंगबली स्त्री रूप में विराजमान हैं। इस मंदिर के बारे में मान्यता है यहां हनुमान जी रोज़ाना रात में टहलते हैं।
श्रीकृष्ण की लीलाओं में हमें उनके ऐश्वर्य के साथ-साथ माधुर्य के भी दर्शन होते हैं। ब्रज की लीलाओं में तो श्रीकृष्ण संसार के साथ बिलकुल बँधे-बँधे से दिखायी पड़ते हैं। उन्हीं लीलाओं में से एक लीला है बालकृष्ण द्वारा अपने पैर का अंगूठे पीने की लीला।
कृष्ण के जन्म से पहले ही उनकी मृत्यु का षड्यंत्र रचा जाना और कारावास जैसे नकारात्मक परिवेश में जन्म होना किसी त्रासदी से कम नही था। परन्तु विपरीत वातावरण के बाद भी नंदलाला, वासुदेव के पुत्र ने जीवन की सभी विधाओं को बहुत ही उत्साह से जिवंत किया है। श्री कृष्ण की सम्पूर्ण जीवन कथा कई रूपों में दिखाई पड़ती है।
शनिवार यानी न्याय के देवता शनिदेव का दिन है। शास्त्रों में शनिदेव को न्याय का देवता कहा गया है। नाराज होने से राजा को रंक बना देते हैं तो खुश होने पर भक्तों पर कृपा बरसाते हैं।
देवो के देव महादेव (Mahadev) भगवान शिव और सती का अद्भुत प्रेम शास्त्रों में वर्णित है। इसका प्रमाण है सती के यज्ञ कुण्ड में कूदकर आत्मदाह करना और सती के शव को उठाए क्रोधित शिव का तांडव करना। हालांकि यह भी शिव की लीला थी क्योंकि इस बहाने शिव 51 शक्ति पीठों की स्थापना करना चाहते थे।
आज हम वह कथा बताने जा रहे हैं जब हनुमानजी ने माता वैष्णो देवी की रक्षा के लिए भैरवनाथ से युद्ध किया था। आइए जानते हैं वह कथा।
हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले गणेश जी (Ganesh ji) की पूजा की जाती है,...
जन्माष्टमी उत्सव की तैयारियां देशभर में जोर-शोर से की जा रही है। लेकिन कृष्ण जन्माष्टमी कब है इसको लेकर लोगों के मन में संशय है। कृष्ण जन्माष्टमी पर्व से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां यहां दी जा रही हैं।
देशभर में इस वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी (Krishna Janmashtami) का पर्व आज 19 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जा रहा है। जन्माष्टमी के दिन कृष्ण मंदिरों की रौनक देखने लायक होती है। कान्हा के दर्शन के लिए मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में एक ऐसा कृष्ण मंदिर भी है, जहां कान्हा के खिड़की से दर्शन मिलते हैं।
कपूरथला स्थित पंच मंदिर (Panch Mandir) का निर्माण कपूरथला स्टेट के महाराजा फतेह सिंह ने 1831 में तैयार करवाया था। यह मंदिर 12 साल में तैयार हुआ था। यह मंदिर 200 साल पुराना और ऐतिहासिक है। यह भारत का दूसरा ऐसा मंदिर है, जहां सूर्य भगवान और राधा-कृष्ण के मंदिर में सुशोभित प्रतिमा पर हर सुबह सूरज की किरणें सीधी पड़ती हैं।
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित वैष्णो देवी मंदिर के दर्शन के लिये आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए प्रायोगिक आधार पर रेडियो-फ्रीक्वेंसी आधारित आईडी कार्ड पेश किया गया है।
कोंकण समुद्र तट पर श्री गणेश का एक विशाल मंदिर स्थापित है। मंदिर में भक्तों का तांता सालभर लगा रहता है। गणेशोत्सव के दौरान तो यहां की रौनक आकर्षण का केंद्र होती है। यहां स्थित स्वयंभू गणेश मंदिर पश्चिम द्वारदेवता के रूप में भी प्रसिद्ध हैं। गणेश जी के इस प्राचीन मंदिर में लोग गणपति का आशीर्वाद लेने दूर-दूर से आते हैं और प्रसन्न होकर जाते हैं।
