चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को सृष्टी की निर्मिति हुई, इसलिए इस दिन हिन्दू नववर्ष मनाया जाता है । इस दिन को...
झारखंड की राजधानी रांची से करीब 80 किलोमीटर की दूरी पर रजरप्पा में छिन्नमस्तिका देवी (Chinnamastika Devi) का मंदिर स्थित है। ये मंदिर शक्तिपीठ के रूप में काफी विख्यात है।
हर मनुष्य के लिए आश्चर्य का विषय है कि जगन्नाथ पुरी (Jagannath Puri) के मंदिर में भगवान कृष्ण के साथ राधा क्यों नहीं हैं और दूसरा, तीनों भाई बहन की आंखें इतनी फैली हुई क्यों हैं? इस विषय में एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा इस प्रकार है।
सूर्याेदय से निशिथ काल पर्यन्त अष्टमी तिथि के होने से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत वैष्णवों और स्मार्तों सभी के लिए एक...
जो जन्माष्टमी का व्रत रखता है उसको करोडों एकादशी करने का पुण्य प्राप्त होता है और उसके रोग-शोक दूर हो...
एक बार भगवान कृष्ण (Lord Krishna) के मन में आया कि आज गोपियों को अपना ऐश्वर्य दिखाना चाहिये। ये सोचकर जब भगवान निकुंज में बैठे थे, और गोपियाँ उनसे मिलने आ रही थी। तब भगवान कृष्ण विष्णु (Lord Vishnu) के रूप चार भुजाएँ प्रकट कर के बैठ गए। जिनके चारो हाथों में शंख, चक्र, गदा और पद्म था।
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को सृष्टी की निर्मिति हुई, इसलिए इस दिन हिन्दू नववर्ष मनाया जाता है । इस दिन को...
अनमोल कुमार भगवान् कृष्ण ने जब देह छोड़ी उनका सारा शरीर तो पांच तत्त्व में मिल गया,लेकिन उनका हृदय बिलकुल...
पुरी के जगन्नाथ मंदिर (Jagannath Temple) के बारे में कहा जाता है कि पास स्थित समुंदर की लहरें कभी भी मंदिर के प्रांगण में आ जाती थीं, जिससे वहां लगभग हर वक़्त स्थिति आपदा वाली रहती थी।
सूर्याेदय से निशिथ काल पर्यन्त अष्टमी तिथि के होने से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत वैष्णवों और स्मार्तों सभी के लिए एक...
जो जन्माष्टमी का व्रत रखता है उसको करोडों एकादशी करने का पुण्य प्राप्त होता है और उसके रोग-शोक दूर हो...
श्री कृष्ण और रुक्मिणी श्री राम और सीता बनकर हनुमान जी के समक्ष गए। जैसे ही हनुमान जी ने श्री राम और माता जानकी को देखा वो बच्चे की तरह रोने लगे और उनके पैरों में गिर गए।




