जमीन पर गिरे मांस का पहला हिस्सा लहसुन में बदल गया और दूसरा हिस्सा जो तालाब में गिरा वह मछली बन गया। जमीन पर गिरी खून की बूंदें लाल मसूर बन गईं, त्वचा प्याज में बदल गई और हड्डी लाल साग में बदल गई। इसलिए कहा जाता है कि रविवार के दिन इन चीजों को खाना अशुभ होता है
यदि आप केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham) की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपके पास इसके लिए उचित पंजीकरण है, अन्यथा आप मुश्किल में फंस सकते हैं।
भारत में कई ऐसे स्थान हैं, जिनका नामकरण वहां के कुल देवता या देवी के नाम पर हुआ है। बिहार (Bihar) के भोजपुर (Bhojpur) जिले का मुख्यालय आरा भी एक ऐसा ही शहर है, जिसका नामकरण अरण्य देवी (Aranya Devi) के नाम पर हुआ है। यहां के लोग इन्हें आरन देवी (Aaran Devi) भी कहते हैं।
एक पौराणिक कथा के अनुसार परशुराम (Parashuram) ने अपने गुरु महादेव शिव (Mahadev Shiv) से युद्ध किया था और उनके...
हनुमान जी (Hanumanji) की कृपा पाने के लिए मंगलवार के दिन व्रत करके शाम के समय बूंदी का प्रसाद बांटने...
भगवान शिव को समर्पित श्री राजा राजेश्वर स्वामी मंदिर (Sri Raja Rajeswara Swamy Temple) के तेलंगाना के वेमुलावाड़ा में स्थित है। यह मंदिर प्राचीन और प्रसिद्ध शिव मंदिरों में से एक है। मंदिर के प्रमुख देवता स्थानीय रूप से राजन्ना के रूप में लोकप्रिय हैं। मुख्य देवता की मूर्ति नीला लोहिता शिव लिंगम के रूप में है। देवता के साथ ही श्री राजा राजेश्वरी देवी और सिद्धि विनायक की मूर्तियाँ हैं।
कहते हैं कि महाप्रतापी राक्षस रावण ने कामना की कि उसका पुत्र अजेय हो तथा उसकी मृत्यु न हो। वह...
आज शुक्रवार मां लक्ष्मी का दिन है। मान्यता है कि आज के दिन मां लक्ष्मी की विधि-विधान के साथ पूजा करने पर माता की कृपा हमेशा व्यक्ति पर बनी रहती है। साथ ही व्यक्ति को सुख-समृद्धि और शांति भी मिलती है।
भगवान सूर्य (Lord Surya) जिस तिथि को पहले-पहल रथ पर आरूढ़ हुए, वह ब्राह्मणों द्वारा माघ मास की सप्तमी बताई गयी है, जिसे रथसप्तमी कहते हैं। उस तिथि को दिया हुआ दान और किया हुआ यज्ञ सब अक्षय माना जाता है। वह सब प्रकार की दरिद्रता को दूर करने वाला और भगवान सूर्य की प्रसन्नता का साधन बताया गया है।
सरस्वती, जिसे शारदा के नाम से भी जाना जाता है, ज्ञान, संगीत, कला, भाषण, ज्ञान और विद्या की अनन्त देवी...
विष्णु पुराण में वर्णित भगवान शिव के जन्म की कहानी शायद महादेव का एकमात्र बाल रूप वर्णन है। यह कहानी...
कुछ जगहों पर ऐसा जिक्र मिलता है कि कृष्ण की 64 कलाएं ही उनकी गोपियां थीं और राधा उनकी महाशक्ति थी। इसके मायने ये हुए कि राधा और गोपियां कृष्ण की ही शक्तियां थीं जिन्होंने स्त्री रूप लिया था।







