वीजीएफ का मुख्य उद्देश्य कुल परियोजना लागत और डेवलपर्स टैरिफ के माध्यम से कितनी रकम वसूल कर सकते हैं, के बीच वित्तीय अंतर को पाटना है. वीजीएफ समर्थन बढ़ाकर, आईएसए का उद्देश्य विशेष रूप से अफ्रीका में क्लीन एनर्जी की पहल में अधिक निवेश को प्रोत्साहित करना है, साथ ही सोलर ऊर्जा क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी आकर्षित करना है।
तमाम उम्मीदों पर पानी फेरते हुए G7 नेताओं ने जलवायु, कोविड और प्रकृति के पतन के तिहरे संकटों से निपटने...
ग्लोबल वार्मिंग के विनाशकारी स्तरों तक पहुँचने से बचने और पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ग्रीनहाउस...
सस्टेनेबल मोबिलिटी नेटवर्क (sustainable mobility network) और सीएमएसआर कंसल्टेंट्स (CMSR Consultants) के एक ताजा सर्वे से जाहिर हुआ है कि उपभोक्ता वायु प्रदूषण (Air Pollution) और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) से निपटने के लिए ई-कॉमर्स तथा डिलीवरी कंपनियों द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाते हुए देखना चाहते हैं।
पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए, विशेष रूप से वैश्विक तापमान में वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लिए, पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था के डीकार्बोनाइजेशन में बहुत तेज प्रगति की आवश्यकता है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था ऊर्जा और परिवहन क्षेत्र में निम्न कार्बन के टिपिंग प्वाइंट्स को छू रही है। आने वाले दशक में...
एक उल्लेखनीय साझे प्रयास में, पर्वतों पर ग्लेशियर और पेराफ्रॉस्ट से जुड़े खतरों को समझने वाले एक अंतर्राष्ट्रीय और भारतीय...
सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी (CFA) की नई रिपोर्ट 'द कोल टेल : ट्रैकिंग इन्वेस्टमेंट्स इन कोल फायर्ड थर्मल पावर प्लांट्स इन इंडिया' ने देश में कोयले से चलने वाले बिजली घरों (coal power generation) को दी गई वित्तीय सहायता का खुलासा करते हुए बताया है कि साल 2005 से 2022 के बीच भारत में 84 राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय ऋणदाताओं ने 1000 मेगा वाट या उससे ज्यादा की क्षमता वाले थर्मल पावर प्लांट संबंधी परियोजनाओं के लिए 7.62 लाख करोड़ रुपए का कर्ज उपलब्ध कराया है।
क्या आपको पता है दुनिया के किस देश में सौर ऊर्जा (Solar Power) उत्पादन की सबसे ज़्यादा क्षमता है? अच्छा...
एक्टीविस्ट-पुजारी फादर स्टेन (Activist-priest Father Stan Swamy) को भीमा कोरेगांव मामले (Bhima Koregaon case) में जातिगत हिंसा भड़काने के आरोपों...
कार्यवाई की जगह चलाया गया जलवायु परिवर्तन को विवादित बनाने के लिए शंकाओं और गलत जानकारियों का कुचक्र मामला है...
आज से ठीक तीन साल पहले देश के 132 शहरों में पार्टिकुलेट मैटर के स्तर को 20-30% तक कम करने...
