उत्तरी भारत के तमाम हिस्सों में फ़िलहाल लगभग हर कोई इस वक़्त एक जानलेवा हीटवेव (Heat wave) का अनुभव कर...
यूरोपीय संघ की ग्रीन डील के तहत, साल 2050 तक जलवायु तटस्थ बनने के लक्ष्यों को हासिल करने की और...
दुनिया के 11 देशों के 36 धार्मिक संगठनों ने आज खुद को जीवाश्म ईंधन के कारोबार से अपना हर नाता...
आजादी के दशकों बाद भी देश दलित आबादी को दोयम दर्जे के नागरिक के रूप में देखता है भारत के...
हमारे समाज में आज भी ऐसे तमाम लोग हैं जो जलवायु परिवर्तन को अपनी समस्या नहीं मानते और किसी दूर...
अगले दस सालों में ही शुरू हो सकता है देश में आंतरिक पलायन का सिलसिला विश्व बैंक की आज जारी...
नई दिल्ली: कोरोना महामारी के प्रकोप के बाद, कल भारत सरकार का पहला बजट घोषित हुआ। ज़ाहिर है, बजट से...
देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को लाल किले से दिए अपने भाषण...
दलित समाज से ताल्लुक रखने वाले रामनाथ कोविंद के बाद अब आदिवासी समाज से आने वाली मुर्मू को राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाना महज संयोग नहीं वरन एक सुविचारित कदम है। इस एक कदम से भाजपा ने समाज के एक बड़े वर्ग को बड़ा संदेश दिया है। इसमें महिलाएं, दलित और आदिवासी समाज शामिल हैं।
जलवायु परिवर्तन के वित्तीय प्रभावों का सामना इंडिया इंक भी कर रहा है। इसका असर कुछ ऐसे पड़ेगा कि महत्वाकांक्षी...
आप जब यह रिपोर्ट पढ़ रहे हैं, उस वक़्त दुनिया भर के कोयला उत्पादक सक्रिय रूप से 2.2 बिलियन टन...
ठीक तब, जब संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के अंतरसरकारी पैनल, IPCC, की ताज़ा रिपोर्ट जारी...