151 राष्ट्रीय सरकारों ने नेट जीरो उत्सर्जन (net zero emissions) का लक्ष्य हासिल करने का वादा किया है और ताज़ातरीन पूर्वानुमानों से पता चलता है कि नई नीतियों के बगैर भी वैश्विक कोयला, तेल और गैस की मांग इस दशक में चरम पर होगी।
एक ऐतिहासिक घटनाक्रम में, पूरी दुनिया को जलवायु परिवर्तन (Climate Change) की गाज से बचाने के लिए हुए तमाम मुकदमों...
ग्लोबल वार्मिंग के विनाशकारी स्तरों तक पहुँचने से बचने और पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ग्रीनहाउस...
कोरबा देश के 16% से अधिक कोयले का उत्पादन करता है। यह बिजली उत्पादन का केंद्र भी है, जिसकी थर्मल पावर क्षमता 6,428 मेगावाट है।
टाउन हॉल कार्यक्रम के माध्यम से आयोजित क्लाइमेट रेसिलियंट महाराष्ट्र (जलवायु के लिहाज से सतत महाराष्ट्र) का उद्देश्य आम नागरिकों,...
एक नए अध्ययन, जिसमें जलवायु, हवा की गुणवत्ता और कृषि के बीच अंतर संबंधों तथा जन स्वास्थ्य पर उन सभी...
विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया के ज्यादातर देश वायु गुणवत्ता सम्बन्धी पुराने मानकों का ही पालन करने में नाकाम...
ग्लासगो में अगले महीने आयोजित होने वाली सीओपी26 और दिसम्बर में इटली की मेजबानी में होने जा रही जी20 शिखर...
जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सबसे महत्वाकांक्षी सरकारी योजनाओं में से एक, यूरोपीय संघ की ग्रीन डील साल 2050...
पिछले वर्षों की अभूतपूर्व बाढ़, सूखा और बेतहाशा पानी से होने वाली घटनाएं अप्रत्याशित नहीं, बल्कि मानव द्वारा दशकों से चली आ रही पानी की बदइंतज़ामी से होने वाली सिस्टेमेटिक क्राइसेस का नतीजा हैं। यह कहना है ग्लोबल कमीशन ऑन इक्नोमिक्स ऑफ वॉटर रिपोर्ट (Global Commission on Economics of Water Report) का।
दो ट्रिलियन रुपये से ज़्यादा के निवेश की सम्भावना के साथ कोविड के बाद की आर्थिक रिकवरी को पर्यावरण अनुकूल...
पूरी दुनिया फिलहाल जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के विनाशकारी प्रभावों से जूझ रही है। ऐसे में तमाम देशों के लिए इसके प्रभावों को कम करने के लिए सक्रिय कदम उठाना ज़रूरी होता जा रहा है। इस दिशा में अफ्रीकी देश सिएरा लियोन (Sierra Leone) से एक बेहद सकारात्मक खबर आ रही है।



