जिस जलवायु परिर्वतन को अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के दौरान ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था, उसे जो...
मैंग्रोव वनों को दुनिया का "सबसे अधिक उत्पादक पारिस्थितिक तंत्र" करार देते हुए, भारत मंगलवार को मिस्र के शर्म अल-शेख में पार्टियों के सम्मेलन (COP27) के 27वें शिखर सम्मेलन में जलवायु के लिए मैंग्रोव गठबंधन (MAC) में शामिल हो गया। इस गठबंधन को यूएई, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, जापान, स्पेन और श्रीलंका का समर्थन प्राप्त है।
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की एक नई रिपोर्ट में, ग्लासगो में जलवायु वार्ता के लिए इकट्ठा हुए राष्ट्राध्यक्षों द्वारा,...
वैश्विक अर्थव्यवस्था ऊर्जा और परिवहन क्षेत्र में निम्न कार्बन के टिपिंग प्वाइंट्स को छू रही है। आने वाले दशक में...
ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के ताज़ा शोध नतीजे बताते हैं कि जहाँ एक और वैश्विक स्तर पर कोयला खादानों और कोयला बिजली...
ऐसा लगता है, त्रिपुरा से लेकर पश्चिम बंगाल तक, जिस तरह इनका पतन हुआ है, उसके लिए कम्युनिस्ट खुद दोषी...
दुनिया के सबसे बड़े कार्बन उत्सर्जक चीन में कुल ऊर्जा उत्पादन क्षमता में कोयले से उत्पादित बिजली की हिस्सेदारी पहली...
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की मानें तो पृथ्वी "रेड अलर्ट" पर है। वजह है दुनिया भर की सरकारों का...
जहां एक ओर भारत ने साल 2070 तक नेट ज़ीरो (Net Zero) होने का अपना लक्ष्य दुनिया के सामने रखा है, वहीं इस संदर्भ में दुनिया की सबसे बड़ी उप-राष्ट्रीय इकाई, उत्तर प्रदेश, न सिर्फ राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप होने की कोशिशें कर रही है बल्कि वह भारत की सबसे बड़ी यातायात व्यवस्था को भी प्रदूषण मुक्त (Pullution free) करने की कवायद में सक्रिय है।
जहाँ पूरी दुनिया में पिछले साल लगे लॉक डाउन और मंदी के चलते बिजली की मांग घट गयी थी, वहीँ...
इस वक़्त अगर आप इस ख़बर को पढ़ रहे हैं तो मतलब आपके पास बिजली की सप्लाई है। और इस...
अब समय है स्वीकारने का कि जलवायु परिवर्तन हमारी रोज़मर्रा की जिंदगी पर दिखा रहा है असर, ग्लोबल वार्मिंग भारत...
