संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की एक नई रिपोर्ट में, ग्लासगो में जलवायु वार्ता के लिए इकट्ठा हुए राष्ट्राध्यक्षों द्वारा,...
भारत का वित्तीय क्षेत्र एक लो-कार्बन एनेर्जी ट्रांज़िशन (low carbon energy transition) के जोखिमों के लिए बेहद संवेदनशील है, लेकिन एक मशहूर जर्नल में प्रकाशित नए पेपर की मानें तो इसके बावजूद भारत में छह में से सिर्फ एक फायनेंस प्रोफेशनल (finance professionals) उन जोखिमों की पहचान करने और उन्हें मैनेज करने का अनुभव रखता है।
फ़िलहाल मानव इतिहास में अब तक का सबसे गर्म साल 2016 को माना जाता था। लेकिन अब, 2020 को भी...
जलवायु वैज्ञानिकों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम द्वारा एक रैपिड एट्रिब्यूशन अध्ययन में पाया गया है कि जलवायु परिवर्तन ने अत्यधिक...
G7 देशों की बैठक से पहले, वैश्विक थिंक टैंक E3G के लिए YouGov संस्था ने G7 देशों में एक सर्वे...
ज्ञानेश्वर दयाल हिंदू धर्म को नुकसान पहुंचाने के लिए आपको मुसलमानों की जरूरत नहीं है। संकीर्ण सोच वाले हिंदू अपने...
वर्ष 2022 की पहली छमाही में ही जीवाश्म ईंधन की लागत से 34 बिलियन अमेरिकी डॉलर का खर्च बचाया गया
ताज़ा सर्वे के मुताबिक पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी और आधुनिक टेक्नोलॉजी को लेकर उत्साह इलेक्ट्रिक वाहनों के बारे में...
जहां भारत में बड़े अपने तजुर्बों से नसीहत देते हैं कि कोर्ट-कचहरी और मुकदमेबाज़ी से बचना चाहिए, वहीं कोरिया से,...
जब मैंने पहली बार यह सुना कि चीन में वृद्ध अधिकारियों की आयु बढ़ाने के लिए उनके अंगों के लिए शिशुओं की निर्दयतापूर्वक हत्या की जा रही है तो मैं इस सदमे से सुन्न हो गया।
बात अगर पेरिस समझौते के अनुसार ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस या 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे सीमित करने...
सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी (CFA) की नई रिपोर्ट 'द कोल टेल : ट्रैकिंग इन्वेस्टमेंट्स इन कोल फायर्ड थर्मल पावर प्लांट्स इन इंडिया' ने देश में कोयले से चलने वाले बिजली घरों (coal power generation) को दी गई वित्तीय सहायता का खुलासा करते हुए बताया है कि साल 2005 से 2022 के बीच भारत में 84 राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय ऋणदाताओं ने 1000 मेगा वाट या उससे ज्यादा की क्षमता वाले थर्मल पावर प्लांट संबंधी परियोजनाओं के लिए 7.62 लाख करोड़ रुपए का कर्ज उपलब्ध कराया है।

