मीथेन वातावरण में सिर्फ 9 साल तक ही मौजूद रहती है, मगर इसमें ऊष्मा बढ़ाने की ताकत कार्बन डाइऑक्साइड के...
ज्ञानेश्वर दयाल हिंदू धर्म को नुकसान पहुंचाने के लिए आपको मुसलमानों की जरूरत नहीं है। संकीर्ण सोच वाले हिंदू अपने...
इस वक़्त अगर आप इस ख़बर को पढ़ रहे हैं तो मतलब आपके पास बिजली की सप्लाई है। और इस...
पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता के अनुरूप, भारत 2070 तक नेट ज़ीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कार्बन एमिशन की तीव्रता को कम करने के लिए वैश्विक स्तर पर लगातार काम कर रहा है।
दुनिया के पांच महाद्वीपों के 10 में 8 बड़े बिजनेस लीडर्स का मानना है कि ‘नेट जीरो’ के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने और अर्थव्यवस्था को व्यापक तौर पर कार्बनमुक्त बनाने के लिए सशक्त नियमों की जरूरत है। यह निष्कर्ष हाल में ही किए गए एक सर्वे से निकलते हैं।
बेंगलुरु में हाल ही में हुई भीषण वर्षा के बाद हुई जल भराव की खबरों ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरी। तमाम लोगों को अपना घर छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा और इंटरनेट पर इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े तमाम मीम्स और मज़ाक़ वायरल होते रहे। स्थिति वाकई कई मायनों में हास्यास्पद थी, मगर यह एक चिंता का भी विषय है। आखिर भारत के इस आईटी हब ने इस बाढ़ की वजह से कथित तौर पर 225 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान दर्ज किया।
जो स्वच्छ वायु नीतियां जीवाश्म ईंधन उत्सर्जन को कम और जलवायु परिवर्तन को संभालने में मदद कर सकती हैं, वही...
चीन की साझा मेज़बानी वाली "मिनिस्ट्रियल ऑन क्लाइमेट एक्शन" (MoCA) में मंगलवार को हुई बहुपक्षीय वार्ता से उम्मीद है उसके...
एनेर्जी ट्रांजिशन भारत जैसे जटिल सामाजिक और आर्थिक परिदृश्यों वाले देश की एक बड़ी ज़रूरत है लेकिन इस ट्रांजिशन का...
दरअसल आर्थिक और राजनीतिक निर्णयों ने मुख्य रूप से प्रकृति के कुछ ही मूल्यों को प्राथमिकता दी है। इनमें विशेष रूप से प्रकृति के बाजार-आधारित मूल्य, जैसे खाद्य पदार्थ, प्राथमिकता पाते हैं। इसके अलावा, नीति निर्धारण कि प्रक्रिया में आमजन के लिए प्रकृति के योगदान से जुड़े कई गैर-बाजार मूल्यों की अनदेखी होती है, जैसे कि जलवायु विनियमन और सांस्कृतिक पहचान।
वार्षिक पवन ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के वर्ष 2022 में 78 गीगावॉट से वर्ष 2027 में दोगुना होकर 155 गीगावॉट हो जाने की संभावना है। इससे अगले मात्र पांच वर्षों के दौरान वैश्विक स्तर पर कुल पवन ऊर्जा क्षमता बढ़कर 1500 गीगावॉट से ज्यादा हो जाएगी।
जब ग्लासगो में प्रधानमंत्री मोदी ने COP 26 के दौरान जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के खिलाफ़ वैश्विक जंग के संदर्भ में अंग्रेज़ी के शब्द LIFE के अक्षरों में छिपे एक मंत्र ‘लाइफ़स्टाइल फॉर एनवायरनमेंट’ (Lifestyle for Environment) का उल्लेख किया था, तब वो महज़ उनके चिर-परिचित अंदाज़ वाला शब्दों का खेल नहीं था।

