वर्ष 2020 में आंध्र प्रदेश में मंदिरों में तोडफोड की 228 घटनाएं हुईं, ऐसा राज्य के पुलिस महासंचालक ने कहा...
जिस रफ्तार से सौर और पवन ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन आदि अन्य कम कार्बन प्रौद्योगिकियां फल-फूल रही हैं, उसके मद्देनज़र...
कोरबा देश के 16% से अधिक कोयले का उत्पादन करता है। यह बिजली उत्पादन का केंद्र भी है, जिसकी थर्मल पावर क्षमता 6,428 मेगावाट है।
औद्योगिक और आर्थिंक रूप से देश के सबसे महत्वपूर्ण राज्य महाराष्ट्र के 18 नॉन अटेनमेंट शहरों के लिये प्रदूषण से...
क्लीन एयर फंड के विश्लेषण से पता चलता है कि पिछले 30 वर्षों में वायु गुणवत्ता से संबंधित मौतों में...
151 राष्ट्रीय सरकारों ने नेट जीरो उत्सर्जन (net zero emissions) का लक्ष्य हासिल करने का वादा किया है और ताज़ातरीन पूर्वानुमानों से पता चलता है कि नई नीतियों के बगैर भी वैश्विक कोयला, तेल और गैस की मांग इस दशक में चरम पर होगी।
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की एक नई रिपोर्ट में, ग्लासगो में जलवायु वार्ता के लिए इकट्ठा हुए राष्ट्राध्यक्षों द्वारा,...
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) की जर्मनी (Germany) में हुए जी-7 (G7) सम्मेलन में मौजूदगी ने जहां एक ओर दुनिया के पटल पर भारत की प्रासंगिकता को एक बार फिर साबित किया, वहीं प्रधानमंत्री ने इस वैश्विक मंच का भरपूर फायदा उठाते हुए दुनिया को न सिर्फ़ शांति का संदेश दिया बल्कि यह भी साफ़ किया कि जलवायु गुणवत्ता (climate quality) के प्रति भारत का निश्चय उसके प्रदर्शन से साफ़ झलकता है और दुनिया को उससे सीखना चाहिए।
ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के ताज़ा शोध नतीजे बताते हैं कि जहाँ एक और वैश्विक स्तर पर कोयला खादानों और कोयला बिजली...
वैश्विक ऊर्जा थिंक टैंक एम्बर (global energy think tank amber) के नए विश्लेषण से पता चलता है कि 2022 में भारत की बिजली क्षमता में वृद्धि का बहुमत (92%) सौर और पवन से चलित था। इस साल, जी20 शिखर सम्मेलन के होने से पहले यह मज़बूत वृद्धि देश के जलवायु नेतृत्व ग्रहण करने के लिए मंच तैयार करती है। कोयला केवल 5% के लिए ज़िम्मेदार है।
मुस्लिम दंगाइयों द्वारा धार्मिक यात्रा में शामिल हिन्दू श्रद्धालुओं पर सुनियोजित हमला, दो समुदायों के संघर्ष के आगे पुलिस बेबस
फिलहाल जब आप और हम भारत में भीषण गर्मी से त्रस्त हैं, जर्मनी के बॉन शहर में दुनिया भर के...


