यक़ीन नहीं होता लेकिन साल 2022 का मार्च पिछले 120 सालों में सबसे गर्म मार्च का महीना रहा। इतना ही...
साल 2008 में 21.46 डिग्री सेल्सियस के पिछले रिकॉर्ड की तुलना में दिसंबर 2022 के 21.49 डिग्री सेल्सियस के उच्चतम औसत तापमान के साथ साल 2022 को बीते 122 वर्षों के इतिहास में सबसे गर्म साल घोषित किया है।
कसी पराधीन जाति के लिये उसका राष्ट्रीय आदर्श ही उसके मनुष्यत्व, शक्ति, एवं पौरुष की एकमात्र कसौटी होता है। यह...
डिजिटलीकरण में सुधार हुआ है लेकिन अभी भी नकद लेनदेन का एक बहुत छोटा अंश है। इसके अलावा, हमारे जैसे...
भारत की अध्यक्षता में G20 देशों की ऊर्जा, जलवायु एवं पर्यावरण से सम्बन्धित बैठकें पिछले महीने सम्पन्न हुईं।
अन्य प्रमुख शहरों के विपरीत कोलकाता में 2019 से 2021 के बीच, मार्च से मई तक, वायु गुणवत्ता में दिखा...
ग्लोबल वार्मिंग के विनाशकारी स्तरों तक पहुँचने से बचने और पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ग्रीनहाउस...
हर साल की तरह इस वर्ष भी सर्दियों के जोर पकड़ने के साथ ही देश के अनेक शहरों में प्रदूषण...
एक ऐतिहासिक घटनाक्रम में, पूरी दुनिया को जलवायु परिवर्तन (Climate Change) की गाज से बचाने के लिए हुए तमाम मुकदमों...
वर्ष 2022 की पहली छमाही में ही जीवाश्म ईंधन की लागत से 34 बिलियन अमेरिकी डॉलर का खर्च बचाया गया
आजादी के दशकों बाद भी देश दलित आबादी को दोयम दर्जे के नागरिक के रूप में देखता है भारत के...
सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी (CFA) की नई रिपोर्ट 'द कोल टेल : ट्रैकिंग इन्वेस्टमेंट्स इन कोल फायर्ड थर्मल पावर प्लांट्स इन इंडिया' ने देश में कोयले से चलने वाले बिजली घरों (coal power generation) को दी गई वित्तीय सहायता का खुलासा करते हुए बताया है कि साल 2005 से 2022 के बीच भारत में 84 राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय ऋणदाताओं ने 1000 मेगा वाट या उससे ज्यादा की क्षमता वाले थर्मल पावर प्लांट संबंधी परियोजनाओं के लिए 7.62 लाख करोड़ रुपए का कर्ज उपलब्ध कराया है।


