ताज़ा मिली जानकारी के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने पेरिस समझौते के बाद से अपने आधे से अधिक सदस्य देशों...
आजादी के दशकों बाद भी देश दलित आबादी को दोयम दर्जे के नागरिक के रूप में देखता है भारत के...
दुनिया में अक्षय ऊर्जा को अपनाने के प्रति बढ़ती होड़ के बीच विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर भविष्य के...
राजस्थान और तमिलनाडु में सुधार की आवश्यकता, बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल को करना चाहिए अपनी रिन्यूएबल बिजली क्षमता का अधिक उपयोग
ग्लासगो में, 31 अक्टूबर से चल रहे, वैश्विक जलवायु शिखर सम्मेलन को पृथ्वी के बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।...
स्टील उत्पादन में लगी कंपनियों को कार्बन उत्सर्जन मुक्त बनाने की तमाम प्रतिबद्धताओं के बावजूद, दुनिया के स्टील उत्पादन और...
वनों की हरियाली और पर्यावरण की सबसे अच्छी देखभाल करने वाले होते हुए भी गरीब वनवासी किसी की दया पर...
दक्षिण एशिया में वायु प्रदूषण का संकट विकासशील देशों के लिए खास तौर से बहुत बड़ी चुनौती बन गया है।...
सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के नए शोध के अनुसार, HSBC बैंक के स्वामित्व हिस्सेदारी वाली...
राष्ट्रीय स्तर की वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग और शहर के एक्शन प्लान साबित हुए हैं अप्रभावी, राज्यों के एक्शन प्लान नहीं...
कुछ ही दिनों में दुनिया के नीति निर्माता ईजिप्ट के शर्म अल शेख में संयुक्त राष्ट्र के अगले जलवायु सम्मेलन, सीओपी 27, में मिल कर पूरी पृथ्वी पर जलवायु कार्यवाही के लिए कुछ अहम फैसले लेंगे। और ठीक उससे पहले पिछले कुछ समय से G7 और उसके सहयोगियों ने वियतनाम, इंडोनेशिया और भारत को कोयले से दूर होने के लिए अरबों डॉलर की पेशकश की है। लेकिन अभी तक इस दिशा में खास बढ़त नहीं देखी गयी।
स्टील उत्पादन में लगी कंपनियों को कार्बन उत्सर्जन मुक्त बनाने की तमाम प्रतिबद्धताओं के बावजूद, दुनिया के स्टील उत्पादन और...

