बैंक आजकल मिनिमम बैलेंस के नाम पर हर महीने मनमाना पैसा वसूल रहा है, जबकि जितना फाइन लेता है, उसका नाममात्र भी ब्याज नहीं देता है। जबकि बैंक तो जनता के पैसे से ही चल रही है। मिनिमम बैलेंस के फाइन को आरबीआई को तय कर देना चाहिए, जिससे बैंक जनता को न लूट सके।
