ये जागरुकता रथ सभी 28 जिलों में ’जम्मो लईका होही खुशहाल चलव मनाबो वजन त्यौहार’ सूत्र वाक्य के साथ 6 साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी लाकर वजन कराने के लिए प्रेरित करेंगे और पोषण का मह्त्व समझाएंगे।
जशपुर जिले के बालाछापर में हो रही चाय की खेती और बस्तर के दरभा में हो रहे पपीते की खेती आज पूरे देश में सुर्खियाँ बंटोर रही है। प्रदेश में कृषि के क्षेत्र में आए अभूतपूर्व बदलाव इस बात के सूचक हैं कि प्रदेश में कृषि अब सामान्य से बढ़कर व्यापक और नवाचारी परिवर्तन ला रहा है, जो लोगों को रोजगार, स्व-रोजगार से जोड़ रहा है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) धीवर समाज के महासम्मेलन में शामिल हुए।
महासमुंद: शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक बिहान योजना द्वारा जिले के ग्रामीण अंचलों में महिला सशक्तीकरण के लिए...
सुकमा: हमे इतनी भीषण बाढ़ की कल्पना भी नहीं थी। देखते देखते पानी का स्तर बढ़ता गया और घर के...
ब्लॉक के सभी उपस्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से पी फॉर्म, एल फॉर्म, एस फॉर्म की इंटेग्रेटेड डिसीज़ सर्विलेंस में आईएचआईपी पोर्टल में 100 प्रतिशत रिपोर्टिंग भी बारीक नजर से ब्लॉक में रोग निगरानी को प्रदर्शित कर रहा है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मौके पर गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 5 करोड़ 60 लाख रूपए की राशि ऑनलाईन जारी की, जिसमें गोबर विक्रेताओं को 02 करोड़ 17 लाख रुपए, स्व सहायता समूहों को 01 करोड़ 37 लाख रुपए और गौठान समितियों को 02 करोड़ 07 लाख रुपए की राशि शामिल है। गोधन न्याय योजना के तहत अब तक कुल 311 करोड़ 94 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है।
कृष्ण कुंज द्वारा नगरीय क्षेत्रों के लोगों को वृक्षारोपण के प्रति किया जायेगा जागरूक, जिले में तीन कृष्ण कुंजों का किया जा रहा निर्माण
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज देश के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति श्री एन वी रमणा हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के पांचवें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में शामिल हुए
मुख्यमंत्री बघेल ने ’मुख्यमंत्री महतारी न्याय रथ’ को किया रवाना; गांव-गांव पहुंचकर महिलाओं को जागरूक करेगा न्याय रथ निःशुल्क कानूनी सहायता भी दी जाएगी
बरबटी-तोरई-लौकी विक्रय से लखपति बना समूह; स्थानीय बाज़ारों, विद्यालय, छात्रावासों में विक्रय हेतु भेजी जा रहीं सब्जियां
सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों के घरों तक खुद पहुंच रहा है चलित अस्पताल, ग्रामीणों की मांग पर बढ़ाए जा रहे हैं हाट बाजार क्लिनिक एवं एमएमयू की संख्या