संयुक्त राष्ट्र की 27वीं जलवायु वार्ता (27th Climate Talks), या कॉप 27 (COP 27), आज मिस्र में समाप्त हुई। जहां एक ओर इस सम्मेलन में जलवायु संकट (Climate Crisis) के सबसे कमजोर लोगों पर असर को कम करने पर अहम फैसले लिए गए, वहीं इस वार्ता में ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) के कारणों को दूर करने के लिए कुछ खास देखने या सुनने को नहीं मिला।
संयुक्त राष्ट्र की आज जारी एमिशन्स गैप रिपोर्ट की मानें तो वर्ष 2021 में ब्रिटेन के ग्लासगो में हुए CoP26 में सभी देशों द्वारा अपने नेशनली डिटरमाइंड कंट्रीब्यूशंस (Nationally Determined Contributions) को और मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किये जाने और राष्ट्रों द्वारा कुछ अपडेटेड जानकारी दिये जाने के बावजूद प्रगति के मोर्चे पर बुरी तरह नाकामी ही नजर आ रही है।
जब ग्लासगो में प्रधानमंत्री मोदी ने COP 26 के दौरान जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के खिलाफ़ वैश्विक जंग के संदर्भ में अंग्रेज़ी के शब्द LIFE के अक्षरों में छिपे एक मंत्र ‘लाइफ़स्टाइल फॉर एनवायरनमेंट’ (Lifestyle for Environment) का उल्लेख किया था, तब वो महज़ उनके चिर-परिचित अंदाज़ वाला शब्दों का खेल नहीं था।
आज का दिन ख़ास है। आज, सितंबर सात, को हर साल साफ हवा और नीले आसमान को समर्पित अंतर्राष्ट्रीय दिवस के तौर पर मनाया जाता है। मगर इस साल साफ हवा और नीले आसमान को मिलेंगे बोल और धुन।
एक ऐतिहासिक घटनाक्रम में, पूरी दुनिया को जलवायु परिवर्तन (Climate Change) की गाज से बचाने के लिए हुए तमाम मुकदमों...
भारत इस वक्त ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) की जबर्दस्त मार सहने को मजबूर है। भीषण गर्मी के कारण तापमान बढ़ने...
अगर एमिशन के मौजूदा स्तर बने रहे तो अगले नौ वर्षों के दौरान ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) में वृद्धि के डेढ़ डिग्री सेल्सियस की सीमा को पार कर जाने की आशंका 50% तक बढ़ जाएगी।
इस सर्वे में शामिल 64% लोगों का कहना है कि भारत सरकार को ग्लोबल वार्मिंग से निपटने के लिए और अधिक प्रयास करने चाहिए
प्रधान मंत्री का संसदीय क्षेत्र बनेगा यूपी का पहला और देश का 7वां शहर जहां कार्बन क्रेडिट से होगी कमाई
वैज्ञानिकों के अनुसार समुंदर से पानी आकाश की ओर नहीं जा पा रहा है क्योंकि प्लास्टिक की परतें नीचे धँसती जा रही हैं। इसलिए बारिश अब कम होती है। हम 5जी और 8जी जैसी नई तकनीकों का इंतजार कर रहे हैं, मगर उधर बुनियादी चीज पानी दुनिया से खत्म होता जा रहा है। आप यकीन करेंगे कि आज पूरी दुनिया मे पीने लायक पानी सिर्फ 2.5 प्रतिशत है।
जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के खिलाफ़ लड़ाई वैश्विक है। और इस लड़ाई में हमारा सबसे बड़ा हथियार जानकारी है। जानकारी...
नायडु ने बढ़ती उग्र घटनाओं और घटती जैवविविधता की वास्तविकता को कम करने के लिए गंभीर आत्मनिरीक्षण और निर्भीक कदमों की अपील करते हुए कहा कि "यह न केवल सरकार का कर्तव्य है कि वह इस पर विचार-विमर्श करे, बल्कि यह पृथ्वी पर प्रत्येक नागरिक और मनुष्य का कर्तव्य है कि इस ग्रह को बचाएं।”
