दलित समाज से ताल्लुक रखने वाले रामनाथ कोविंद के बाद अब आदिवासी समाज से आने वाली मुर्मू को राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाना महज संयोग नहीं वरन एक सुविचारित कदम है। इस एक कदम से भाजपा ने समाज के एक बड़े वर्ग को बड़ा संदेश दिया है। इसमें महिलाएं, दलित और आदिवासी समाज शामिल हैं।
विपक्षी नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक से टीआरएस, आम आदमी पार्टी और बीजद ने जरूर किनारा किया लेकिन, बाकी विपक्षी नेताओं ने बैठक में हिस्सा लिया और राष्ट्रपति उम्मीदवारी को लेकर अपनी राय रखी। बैठक में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पोते गोपाल कृष्ण गांधी (Gopal Krishna Gandhi) का नाम सबसे आगे चल रहा है।
भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में मुर्मू का नाम तय, बीजद ने खुशी जताया, अगला राष्ट्रपति चुना जाना तय