शनिदेव (Shanidev) का एक चमत्कारी मंदिर उत्तरकाशी जिले के खरसाली गांव में स्थित है। यह प्राचीन मंदिर समुद्र तल से लगभग 7000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह मंदिर अपनी अनूठी डिजाइन और सुंदर कलाकृतियों के लिए पूरे देश भर में प्रसिद्ध है।
शनि का श्याम वर्ण को देखकर सूर्य ने अपनी पत्नी छाया पर यह आरोप लगाया कि शनि मेरा पुत्र नहीं...
धार्मिक मान्यताओं में दंड के अधिकारी माने जाने वाले शनिदेव के बारे में कहा जाता है कि जिस पर भी शनि की तिरछी नजर पड़ जाए वह उनके प्रकोप से बच नहीं सकता। यहां तक कि स्वयं देवाधिदेव महादेव भी उनके प्रकोप से बच नहीं सके। आइए जानते हैं क्या है शनिदेव और महादेव की यह कहानी और किसने बनाया शनिदेव को दंड का अधिकारी।
सूर्यपुत्र शनिदेव (Shanidev) अपने आराध्य भगवान विष्णु कहते हैं मैं गुरुओं का भी गुरु हूं और योद्धाओं का भी योद्धा...
ज्योतिष और वास्तुशास्त्र के अनुसार पश्चिम दिशा के स्वामी शनि देव (Shani Dev) हैं इसलिए यहां भगवान शनि देव की...
सूर्य पुत्र शनिदेव (Shanidev) को लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैली हुई हैं कि वह गुस्सैल, भावहीन और निर्दयी हैं।...
शानदार गाड़ी, बंगला और लग्जरी जीवन जीने की चाहत हो तो शनिवार को शाम के समय इन उपायों को जरूर कर लें, पर ध्यान रहे इसे करने के बाद किसी को भी बताना नहीं हैं नहीं तो इसका प्रभाव तुरंत खत्म हो जायेगा। हो सकता है कि अमीर बनने के लिए अनेक टोटके और उपाय जरूर किये हो लेकिन इतना शक्तिशाली उपाय कभी नहीं किया होगा। इस उपाय को करने के बाद आपके घर पैसा बरसने लगेगा।
शनिवार यानी न्याय के देवता शनिदेव का दिन है। शास्त्रों में शनिदेव को न्याय का देवता कहा गया है। नाराज होने से राजा को रंक बना देते हैं तो खुश होने पर भक्तों पर कृपा बरसाते हैं।
शिंगणापुर तीर्थ की गाथा बहुत ही दिलचस्प है। शनि शिंगणापुर गांव के चारों ओर पर्वतमालाएं हैं। यहां गांव के लोग अपने घरों में ताला नहीं लगाते। घरों, दुकानों पर दरवाजे वगैरह नहीं हैं। कहते हैं कि यदि कोई चोरी की नीयत से किसी का सामान छूता भी है तो शनिदेव उसको अपने ढंग से दंडित कर देते हैं। दरवाजे और चौखट न होने के बावजूद चोरी न होने को यहां के लोग शनिदेव की कृपा मानते हैं।
कर्मों के न्यायाधीश भगवान शनिदेव कई अन्य वजहों से भी अदभुत देवता के रूप में पूजनीय हैं। इसी सन्दर्भ में...
शनिदेव के वाहन का निर्धारण जातक के जन्म, नक्षत्र संख्या और शनि के राशि बदलने की तिथि की नक्षत्र संख्या दोनों को जोड़ लें, फिर योगफल को नौ से भाग कर लें। शेष संख्या के आधार पर ही शनिदेव का वाहन का निर्धारण होता है। आइए जानते हैं इन सवारियों के परिणाम और इनसे उबरने के तरीके।
शनिदेव (Shanidev) की पूजा को लेकर कई तरह के सवाल लोगों के मन में उठते रहते हैं। इन्हीं में से...
