नई दिल्लीः हरियाणा के फरीदाबाद की एक फास्ट-ट्रैक अदालत ने बुधवार को निकिता तोमर हत्याकांड के मुख्य आरोपी तौसिफ और उसके सहयोगी रेहान को साजिश, अपहरण और हत्या के लिए दोषी ठहराया। सजा कितनी होगी इस पर फैसला शुक्रवार को सुनवाई के दौरान किया जाएगा।
बता दें कि तौसीफ और रेहान को अदालत ने दोषी पाया है, जबकि एक तीसरे आरोपी मोहम्मद अजरुद्दीन को बरी कर दिया गया है। समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया कि अजरुद्दीन ने कथित तौर पर दोनों आरोपियों को हथियारों की आपूर्ति की थी।
21 वर्षीय तोमर की पिछले साल 26 अक्टूबर को फरीदाबाद में उनके कॉलेज के बाहर उनके पूर्व सहपाठी द्वारा दिन-दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। महिला के परिवार ने हत्या को ‘लव जिहाद’ के कथित मामलों से जोड़ा। तोमर के परिजनों ने दावा किया कि उसके हमलावर को उसके साथ ले जाया गया, जबकि दूसरा आरोपी उसका सहयोगी है।
पुलिस ने कहा कि घटना के समय सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में तौसिफ और रेहान साफ दिखाई दे रहे हैं। फुटेज में बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा निकिता तोमर जो परीक्षा के बाद अग्रवाल कॉलेज से बाहर निकलती दिखाई दे रही है और आरोपी अपने वाहन से निकलकर पीड़िता को अपनी गाड़ी में खींचते और उसे गोली मारते साफ दिखाई दे रहे हैं। दिन-दहाड़े हुई यह हत्या की घटना कैमरे में कैद हो गई, जिससे पता चला कि कैसे एक वाहन में घटनास्थल पर पहुंचे आरोपी ने तोमर को अगवा करने के लिए अंदर खींचने की कोशिश की। निकिता ने जब उनका प्रतिरोध किया, तब आरोपी ने उसे गोली मार दी।
