इस वर्ष हर हिंदू त्योहार की तरह महाशिवरात्रि (Mahashivratri) की तिथि को लेकर भी लोगों के बीच संशय है। हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2023 में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 18 फरवरी को रात 8 बजकर 2 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 19 फरवरी को 4 बजकर 18 मिनट पर समाप्त होगी।
अनमोल कुमार मकर संक्रांति (Makar Sankranti) का पर्व प्रतिवर्ष 14-15 जनवरी को मनाया जाता है। इस वर्ष 14 जनवरी 2022...
जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे मकर संक्रांति (Makar Sankranti) कहा जाता है। मकर संक्रांति को बहुत शुभ दिन माना गया है। इसे उत्तरायण, पोंगल और खिचड़ी जैसे नामों से भी जाना जाता है। ज्यादातर ये त्योहार 14 या 15 जनवरी को मनाया जाता है। इस साल मकर संक्रांति 14 जनवरी को है अथवा 15 जनवरी को है, इसे लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
मकर संक्रांति (Makar Sankranti) एक हिंदू त्योहार है जो भारत और दक्षिण एशिया के अन्य हिस्सों में मनाया जाता है, जो सूर्य के मकर राशि में संक्रमण का प्रतीक है।
मकर संक्रांति भारत के सबसे जीवंत त्योहारों में से एक है, जो कृषि, सूर्य उपासना और सामाजिक एकता का प्रतीक माना जाता है।
पुराने आगरा के रावतपाड़ा में स्थित ‘मनकामेश्वर मंदिर’ (Mankameshwar Mandir) की मान्यता है कि यहां शिवलिंग (Shivling) की स्थापना खुद...
शिवशंकर महादेव की महिमा अनुपम है। महाशिवरात्रि (Mahashivratri) का विशेष पर्व श्रद्धालुओं में असीम श्रद्धा लेकर आता है। इस दिन कहा जाता है कि भगवान शिव का माता पार्वती से विवाह संपन्न हुआ था। इसके दूसरे दिन आने वाली अमावस्या को विवाह पश्चात की विशेष रात्रि के रूप में मनाया जाता है।
अनमोल कुमार सनातन धर्म (Sanatan Dharm) में मकर संक्रांति (Makar Sankranti) का प्रमुख महत्व है। मकर संक्रांति से भगवान सूर्यदेव...
मकर संक्रांति के दिन सूर्य उत्तरायण होता है और मकर राशि में प्रवेश करता है, तब मकर संक्रान्ति (Makar Sankranti) का पर्व मनाया जाता है।
मकर संक्रांति पर इस बार दो तिथियों को लेकर लोग उलझन में हैं। हालांकि संक्रांति तब शुरू होती है जब सूर्य देव राशि परिवर्तन कर मकर राशि में पहुंचते हैं।
इस माह को मलमास व पुरुषोत्तममास के नाम से भी जाना जाता है, किवंदती है कि इस माह में सभी 33 कोटि देवतागण राजगीर में निवास करते हैं, किसी भी शुभ कार्यों के लिए पूर्णतया वर्जित है यह मास
ऐसे करेंगे पूजन तो कालसर्प संबंधी दोष से मिलेगी मुक्ति





