भक्त वत्सल्य भगवान श्री गणेश के बारे में कई पौराणिक कथाएं वर्णित हैं। इन्हीं में से एक है भगवान जगन्नाथ की कथा। जिसमें प्रभु जगन्नाथ ने श्री गणेश जी का रूप धारण कर भक्त को दर्शन दिए थे।
वाल्मीकि रामायण के अनुसार, जब श्रीराम अयोध्या के राजा थे, तब एक दिन काल (मृत्यु) तपस्वी के रूप में अयोध्या आया। काल ने श्रीराम से अकेले में बात करने की इच्छा प्रकट की और कहा कि यदि कोई हमें बात करता हुआ देख ले तो वह आपके द्वारा मारा जाए।
शिवपुराण के अनुसार त्रेतायुग में भगवान श्रीराम की सहायता करने और दुष्टों का नाश करने के लिए भगवान शिव ने...
भोजपुर जिला के बड़हरा प्रखंड अंतर्गत बखोरापुर में है भव्य मां काली मंदिर (Bakhorapur Kali Temple)। अपनी भव्यता व विस्तृत क्षेत्रफल में फैलाव के कारण यह मंदिर भक्तों व पर्यटकों को भाने लगा है।
हिंदू धर्म में चार धाम यात्रा (Char Dham Yatra) का अपना एक विशेष महत्व है। इनमें गंगोत्री, यमुनोत्री (Gangotri), केदारनाथ...
हिंदू पंचांग के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जाता...
हिंदू पौराणिक कथाओं में, भगवान राम (Lord Rama) को भगवान विष्णु (Lord Vishnu) का अवतार माना जाता है और वे अपने विभिन्न कौशल और उपलब्धियों के लिए जाने जाते हैं।
शिवपुराण के अनुसार त्रेतायुग में भगवान श्रीराम की सहायता करने और दुष्टों का नाश करने के लिए भगवान शिव ने...
लोगों का कहना है कि मंदिर की आरती शुरू होते ही इलाके से सारे कुत्ते मंदिर में पहुंच जाते हैं। आरती की पहली घंटी बजते ही श्मशामवासिनी मां के मंदिर में आसपास घूमने वाले सभी 'कुत्ते' पहुंच जाते हैं।
हनुमानजी (Hanuman ji) के बारे में कई रहस्य जो अभी तक छिपे हुए हैं। शास्त्रों के अनुसार बजरंगबली (Bajrangbali) इस...
बद्रीनाथ धाम (Badrinath Dham) अगर आप गए होंगे, तो आपने गौर किया होगा कि यहां शंख नहीं बजाया जाता। वजह वैज्ञानिक, पौराणिक और धार्मिक हर तरह से जुड़ी हुई हैं। आप भी जानिए बद्रीनाथ मंदिर (Badrinath Temple) में शंख न बजाने की क्या है वजह है।
शिंगणापुर तीर्थ की गाथा बहुत ही दिलचस्प है। शनि शिंगणापुर गांव के चारों ओर पर्वतमालाएं हैं। यहां गांव के लोग अपने घरों में ताला नहीं लगाते। घरों, दुकानों पर दरवाजे वगैरह नहीं हैं। कहते हैं कि यदि कोई चोरी की नीयत से किसी का सामान छूता भी है तो शनिदेव उसको अपने ढंग से दंडित कर देते हैं। दरवाजे और चौखट न होने के बावजूद चोरी न होने को यहां के लोग शनिदेव की कृपा मानते हैं।






