अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) की अनेक व्रत कथाएँ प्रचलित हैं। ऐसी ही एक कथा के अनुसार प्राचीन काल में एक...
गंगा सप्तमी (Ganga Saptami) एक हिंदू त्योहार है जो वैशाख (अप्रैल-मई) के हिंदू महीने में चंद्रमा (शुक्ल पक्ष) के वैक्सिंग चरण के सातवें दिन (सप्तमी) मनाया जाता है। यह त्योहार गंगा नदी (गंगा) की पूजा के लिए समर्पित है, जिसे हिंदू धर्म में एक पवित्र नदी माना जाता है। इस वर्ष गंगा सप्तमी 27 अप्रैल को मनाई जाएगी।
शिव पुराण (Shiv Puran) के अनुसार चन्द्रमा का विवाह दक्ष प्रजापति की 27 कन्याओं से हुआ था। यह कन्याएं 27...
अगर विघ्न विनाशक मंगलमूर्ति गणेश (Ganesha) को कोई चोर कहे तो थोड़ा अचरज होगा। लेकिन बता दें कि भूतभावन बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन (Ujjain) में उनके पुत्र श्रीगणेश का अद्भुत मंदिर है, जहां उनकी 'चोर गणेश' (Chor Ganesh) के नाम से पूजा होती है। उन्हें यहां 'चोर गणेश' ही कहा जाता है।
मान्यता है कि मां के दरबार में जो भी मनौती मांगी जाती है उसे मां कैला निश्चित ही पूरा करती हैं। सूनी गोद भरने की आस हो या सुहाग की चिरायु होने की कामना, कैला मां भक्त की हर मुराद जल्द ही पूरी करती है।
ये कहानी भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के नरसिंह अवतार (Narsingh Avtaar) से जुड़ी हुई है। प्रह्लाद की रक्षा के लिए श्रीहरि ने नरसिंह अवतार धारण करके हिरण्यकशिपु का वध अपने पंजे से कर दिया। लेकिन भक्त पर हुए अत्याचार से नाराज नरसिंह पूरी सृष्टि के विनाश के लिए उतारु हो गए।
सूर्यदेव (Surya Dev) अकेले एक ऐसे देवता जिनके साक्षात दर्शन हमें प्रतिदिन होते हैं। जिनके प्रताप से ही हम समय की खोज कर सके हैं। जिन्हें समस्त ग्रहों का राजा माना जाता है। जिन्हें आदित्य, भास्कर, मार्तण्ड आदि अनेक नामों से जाना जाता है।
सीता नवमी (Sita Navami) एक हिंदू त्योहार है जिसे सीता की जयंती के रूप में मनाया जाता है। यह वैशाख के हिंदू महीने के नौवें दिन (नवमी) को मनाया जाता है
हनुमानजी रामचन्द्र जी को उदास देख उनके पास आये तथा उदासी का कारण पूछा। तब श्रीरामजी ने पूरी बात उन्हें बताई।
बद्रीनाथ धाम (Badrinath Dham) अगर आप गए होंगे, तो आपने गौर किया होगा कि यहां शंख नहीं बजाया जाता। वजह वैज्ञानिक, पौराणिक और धार्मिक हर तरह से जुड़ी हुई हैं। आप भी जानिए बद्रीनाथ मंदिर (Badrinath Temple) में शंख न बजाने की क्या है वजह है।
सूर्य की पूजा से जीवनशक्ति, मानसिक शांति, ऊर्जा और जीवन में सफलता की प्राप्ति होती है। सूर्यदेव को उगते और डूबते दोनों तरह से अर्घ्य दिया जाता है।
हम सब हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) पढते हैं, सब रटा रटाया। क्या हमें चालीसा पढते समय पता भी होता है कि हम हनुमानजी से क्या कह रहे हैं या क्या मांग रहे हैं? बस रटा रटाया बोलते जाते हैं। आनंद और फल शायद तभी मिलेगा जब हमें इसका मतलब भी पता हो। तो लीजिए पेश है श्री हनुमान चालीसा अर्थ सहित!!











