पटन देवी भी दो हैं- छोटी पटन देवी और बड़ी पटन देवी, दोनों के अलग-अलग मंदिर हैं। पटना की नगर रक्षिका भगवती पटनेश्वरी (Pataneshwari) हैं जो छोटी पटन देवी के नाम से भी जानी जाती हैं। यहां मंदिर परिसर में मां महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की स्वर्णाभूषणों, छत्र व चंवर के साथ विद्यमान हैं। लोग प्रत्येक मांगलिक कार्य के बाद यहां जरूर आते हैं। इस मंदिर के पीछे एक बहुत बड़ा गड्ढा है, जिसे ‘पटनदेवी खंदा’ कहा जाता है।
सुंदरकांड (Sunderkand) में हनुमानजी (hanumanji) सीता की खोज में समुद्र पार कर रहे थे तब सुरसा और सिंहिका नाम की...
विवाह पंचमी एक महत्वपूर्ण हिंदू त्यौहार है जो भगवान राम और सीता के दिव्य विवाह का जश्न है, जैसा कि महाकाव्य रामायण में वर्णित है।
राजा मननसिंह की हटधर्मिता के बाद रहषु भगत के बुलावे पर मां कमाख्या से चलकर कोलकाता (काली के रूप में...
कर्नाटक के मैंगलोर से महज़ 26 किमी की दूर कातील में देवी मां का प्रसिद्ध दुर्गा परमेश्वरी के मंदिर (Durga Parameshwari Temple) है।
प्रस्तुत लेख में ‘नारायणबली, नागबलि व त्रिपिंडी श्राद्ध’ के विषय में अध्यात्मशास्त्रीय विवेचन पढें । इसमें मुख्य रुप से इन...
अक्सर धार्मिक तस्वीरों में देखा जाता है कि माँ लक्ष्मी (Maa Lakshmi) विष्णु जी (Vishnu ji) के चरणों के निकट बैठती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि धन की देवी होने के बावजूद भी मां लक्ष्मी विष्णु जी चरणों के निकट क्यों बैठती हैं? चलिए जानते हैं रोचक तथ्य के बारे में।
हनुमान चालीसा में जिक्र है कि अगर आप बहुत अधिक संकट में हैं तो 8 मंगलवार हनुमान जी के दर्शन कर ले तो आपके सारे संकट दूर हो जाएंगे। जोधपुर के एक प्राचीन पंचमुखी हनुमान मंदिर हैं। इस मंदिर की विशालकाय प्रतिमा के बारे में कहा जाता है कि यह स्वयंभू हैं और पंचमुखी हनुमान (Swayambhu Panchmukhi Hanuman) जी के दर पर जो भी मत्था टेक ले उसके सभी कष्ट व पीड़ा हनुमान जी हर लेते हैं। इस मंदिर में श्रद्धालु साल के सालों भी आते हैं, लेकिन मंगलवार और शनिवार को श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा रहता है।
Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि (Maha Shivratri) भगवान शिव को समर्पित सबसे शुभ हिंदू त्योहारों में से एक है, जो फाल्गुन...
सूर्य की पूजा से जीवनशक्ति, मानसिक शांति, ऊर्जा और जीवन में सफलता की प्राप्ति होती है। सूर्यदेव को उगते और डूबते दोनों तरह से अर्घ्य दिया जाता है।
भगवान गणेश (Bhagwan Ganesh) को हर काम को शुरु करने से पहले पूजा जाता है। गणेश जी (Ganesh ji) बुद्धि...
वैसे तो देवाधिदेव शिव के कई प्राचीन मंदिर हैं, लेकिन संगम के नजदीक अरैल स्थित शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर सूर्यदेव से संबंधित है। शिवपुराण और स्कन्द पुराण में इस मंदिर का वर्णन शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर के नाम से किया गया है। सबसे खास बात यह है इस मंदिर में दर्शन और पूजा करने से भगवान शिव के साथ ही सूर्यदेव भी प्रसन्न होकर भक्तों को आशीर्वाद देते हैं।





