एक नए अध्ययन, जिसमें जलवायु, हवा की गुणवत्ता और कृषि के बीच अंतर संबंधों तथा जन स्वास्थ्य पर उन सभी...
पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए, विशेष रूप से वैश्विक तापमान में वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लिए, पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था के डीकार्बोनाइजेशन में बहुत तेज प्रगति की आवश्यकता है।
सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी (CFA) की नई रिपोर्ट 'द कोल टेल : ट्रैकिंग इन्वेस्टमेंट्स इन कोल फायर्ड थर्मल पावर प्लांट्स इन इंडिया' ने देश में कोयले से चलने वाले बिजली घरों (coal power generation) को दी गई वित्तीय सहायता का खुलासा करते हुए बताया है कि साल 2005 से 2022 के बीच भारत में 84 राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय ऋणदाताओं ने 1000 मेगा वाट या उससे ज्यादा की क्षमता वाले थर्मल पावर प्लांट संबंधी परियोजनाओं के लिए 7.62 लाख करोड़ रुपए का कर्ज उपलब्ध कराया है।
इस साझेदारी में 13 और सदस्य देश शामिल हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान और यूनाइटेड किंगडम जैसे प्रमुख देश शामिल हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य दुनिया भर में महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं में निवेश को प्रोत्साहित करना है।
मीथेन वातावरण में सिर्फ 9 साल तक ही मौजूद रहती है, मगर इसमें ऊष्मा बढ़ाने की ताकत कार्बन डाइऑक्साइड के...
दुनिया के सबसे बड़े केंद्रीय बैंकों में से 12 बैंक अब भी नीति तथा प्रत्यक्ष निवेश के जरिए जीवाश्म ईंधन...
संयुक्त राष्ट्र की जलवायु मामलों की संस्था UNFCCC की ताज़ा रिपोर्ट निराश करने वाली है। इस रिपोर्ट की मानें तो...
देश में कार्बन न्युट्रेलिटी का भविष्य कितना उज्ज्वल है इसका अंदाज़ा इसी से लग जाता है जब पता चलता है...
दुनिया में ऐसी कोई भी धार्मिक परंपरा नहीं जो प्रकृति के विनाश का प्रतिबंध न लगाती हो। लेकिन इस प्रतिबन्ध...
कसी पराधीन जाति के लिये उसका राष्ट्रीय आदर्श ही उसके मनुष्यत्व, शक्ति, एवं पौरुष की एकमात्र कसौटी होता है। यह...
हिमाचल प्रदेश में बारिश और उसके बाद हुए भूस्खलन में कम से कम 75 लोगों की जान जाने के बाद वहाँ की सरकार ने वहाँ राज्य स्तरीय आपदा घोषित कर दी। उत्तराखंड में भी हाल कुछ मिलता जुलता ही है।
विश्व एनर्जी ट्रांज़िशन आउटलुक को पूर्वावलोकन इस दिशा में प्रगति की नाटकीय कमी की चेतावनी देता है, साथ ही करता है 1.5 डिग्री सेल्सियस जलवायु लक्ष्य को बनाए रखने के लिए एनर्जी ट्रांज़िशन में सामरिक बदलाव की मांग



