विश्व एनर्जी ट्रांज़िशन आउटलुक को पूर्वावलोकन इस दिशा में प्रगति की नाटकीय कमी की चेतावनी देता है, साथ ही करता है 1.5 डिग्री सेल्सियस जलवायु लक्ष्य को बनाए रखने के लिए एनर्जी ट्रांज़िशन में सामरिक बदलाव की मांग
दुनिया में चल रहे भू-राजनीतिक संघर्षों को देखते हुए जलवायु परिवर्तन पर ध्यान केन्द्रित रखना बेहद महत्वपूर्ण है। इस काम में ग्लोबल साउथ की भूमिका बहुत अहम है।
भारत में हरित निवेश प्रवाह को ट्रैक करने के अपने तरह के एक पहले प्रयास को प्रस्तुत करती एक ताज़ा रिपोर्ट की मानें तो फिलहाल देश में इस निवेश के प्रवाह की दशा और दिशा चिंताजनक है।
मानसून बारिश और अल-नीनो नाम की समुद्री तरंग में वैसे तो गहरा नाता रहा है हमेशा, मगर भारत के विभिन्न क्षेत्रों में पिछली सदी के दौरान इन दोनों के रिश्तों के रंग बादल चुके हैं।
क्या हाइड्रोजन वाकई गेम चेंजर बन सकता है, जैसा कि कुछ का मानना है? इन सवालों के जवाब के लिए कुछ बातों को समझना और उन पर गौर करना ज़रूरी है।
पृथ्वी पर पहली बार मानवता के लिए सुरक्षा और न्याय का ऐसा मूल्यांकन किया गया है। इन वैज्ञानिकों के अनुसार यह बेहद चुनौतीपूर्ण रहा क्योंकि अर्थ कमीशन नाम के इस समूह का निष्कर्ष है कि पृथ्वी के लिए अब तक कई सुरक्षित सीमाएं पहले ही पार हो चुकी हैं।
इस बात में दो राय नहीं कि वैश्विक ग्रीनहाउस गैस एमिशन (Greenhouse Gas Emissions) में वृद्धि हुई है, लेकिन पिछले दशक के औसत के मुक़ाबले यह बहुत कम मात्रा में हुआ है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी का तो मानना है कि रिन्यूबल बिजली उत्पादन और इलेक्ट्रिक वाहनों के तेजी से बढ़ते चलन ने एमिशन की इस वृद्धि के पैमाने को संभवत दो-तिहाई तक कम कर दिया है।
चीन दुनिया को हैरान करने से नहीं पीछे हटता। जब हम और आप कोविड से डरे सहमे लॉकडाउन में अपने...
जब देश की राजधानी में एक बार फिर सांस फूलने लगी है, तब द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (TERI) के...
यूनाइटेड किंगडम (यूके) में भारतीय मूल के चांसलर ऋषि सुनक और भारतीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कल यूके और...
जलवायु प्रतिबद्धताओं के बावजूद, सार्वजनिक संस्थान प्राकृतिक गैस के लिए, पवन या सौर के मुक़ाबले, चार गुना ज़्यादा फंड प्रदान...
नवंबर में होने वाले संयुक्त राष्ट्र के जलवायु शिखर सम्मेलन COP26 में कोयले से स्वच्छ ऊर्जा की ओर स्थानांतरित करने...





