जहाँ पूरी दुनिया में पिछले साल लगे लॉक डाउन और मंदी के चलते बिजली की मांग घट गयी थी, वहीँ...
जहाँ अब तक वायु प्रदूषण के स्वास्थ्य और आर्थिक प्रभावों को स्थापित किया गया है, वहां अब ताज़ा अनुसंधान और...
ऊर्जा थिंक टैंक एम्बर के हालिया विश्लेषण में, भारत चीन से सोलर पैनलों (Solar Panel) के आयात को उल्लेखनीय रूप से कम करने वाला एकमात्र देश बनकर उभरा है
ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के कारण होने वाले जलवायु परिवर्तन ने हीटवेव होने की संभावना कम से कम 150 गुना अधिक...
जलवायु परिवर्तन के खिलाफ कार्रवाई के प्रति अमेरिका एक बार फिर संजीदा है। यही वजह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो...
दुनिया में स्टील और लोहे के डीकार्बनाइजेशन सम्बन्धी प्रयासों पर नजर रखने वाली संस्था ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर (Global Energy Monitor)...
इंपैक्ट इन्वेस्टर्स काउंसिल (आईआईसी), क्लाइमेट कलेक्टिव और अरेट एडवाइजर्स के एक ताजा अध्ययन के मुताबिक भारत में पिछले 5 वर्षों...
COP26 के संदर्भ में वैश्विक सुशासन के लिये नयी ऑपरेटिंग प्रणाली होगी कल से जारी वैश्विक सुशासन के लिये ग्लोबल...
जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र के अंतर सरकारी पैनल (IPCC) के सदस्य वैज्ञानिकों का। इन वैज्ञानिकों ने आज अपनी नवीनतम रिपोर्ट में साफ़ किया है कि अगर हम अब भी मौजूदा संसाधनों का सही रणनीतिक प्रयोग करते हैं तो जलवायु परिवर्तन की चोट के असर को काफ़ी कम कर सकते हैं।
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (World Meteorological Organization) की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, पहाड़ की चोटियों से लेकर समुद्र की गहराई तक, जलवायु परिवर्तन (Climate Change) ने 2022 में अपनी प्रगति बरक़रार रखी।
'भारत में कृषि पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव' नामक एक हालिया विश्लेषण में, क्लाइमेट ट्रेंड्स ने बदलते ग्रीष्मकालीन मानसून के प्रति भारत की कृषि की संवेदनशीलता को दर्शाने वाले साक्ष्य जुटाये हैं।
इस ग्लासगो समझौते ने की पेट्रोल और डीजल वाहनों के लिए सड़क के अंत की शुरुआत दुनिया के चौथे सबसे...



