एक ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक़ दुनिया भर में कोयला आधारित ऊर्जा (coal based energy) के लिए उदासीनता बढ़ रही है।...
संयुक्त राष्ट्र की 27वीं जलवायु वार्ता (27th Climate Talks), या कॉप 27 (COP 27), आज मिस्र में समाप्त हुई। जहां एक ओर इस सम्मेलन में जलवायु संकट (Climate Crisis) के सबसे कमजोर लोगों पर असर को कम करने पर अहम फैसले लिए गए, वहीं इस वार्ता में ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) के कारणों को दूर करने के लिए कुछ खास देखने या सुनने को नहीं मिला।
कोयले के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिये भारत में एक मजबूत नीति और नियामक तंत्र बहुत जरूरी ग्लासगो...
जहाँ एक ओर COP26 को कोयले की काली हकीक़त को दुनिया के सामने लाने के लिए याद रखा जायेगा, वहीँ...
इस ग्लासगो समझौते ने की पेट्रोल और डीजल वाहनों के लिए सड़क के अंत की शुरुआत दुनिया के चौथे सबसे...
यूनाइटेड किंगडम के नेतृत्व में, दुनिया के कुछ दो दर्जन देशों और अन्य संस्थानों ने, ग्लोबल कोल टू क्लीन पावर...
ग्लोबल एनेर्जी मॉनिटर के नौवें वार्षिक सर्वे की मानें तो भविष्य में अपने कोयले के इस्तेमाल को लेकर भारत वैश्विक स्तर पर मिले जुले संकेत भेजता रहा है।
ऐसा पहली बार है जब COP में स्वास्थ्य को एक पूरा दिन दिया गया है। इसके दृष्टिगत यह महत्वपूर्ण पत्र COP28 से पहले होने वाले कई स्वास्थ्य-केंद्रित हस्तक्षेपों में एक है। इस साल 3 दिसंबर का दिन स्वास्थ्य संबंधी चर्चाओं को समर्पित है।
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