पिछले 15 सालों में सर्कस कराने वाले संस्थाओं की संख्या में आश्चर्यजनक रूप से कमी आई है। 15 साल पहले भारत में 350 से भी ज्यादा सर्कस थे, परन्तु वर्तमान में यह संख्या घटकर मात्र 11 से 12 हो चुकी है। सर्कस का यह आंकड़ा निश्चित रूप से आश्चर्यजनक है। इतनी भारी संख्या में सर्कस का बंद होना हुनरमंद कलाकारों के लिए रोजीरोटी की समस्या उत्पन्न कर रही है।

