बैंगलोर में आयोजित की गयी अनुभव साझाकरण कॉन्फेरेंस
अनेक शहरों में पुस्तक मेलों, प्रदर्शनियों और फ्लावर शो (Flower Show) का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर भारत के फालुन दाफा (Falun Dafa) अभ्यासी भी इन मेलों में भाग ले रहे हैं और लोगों को इस अनोखे आध्यात्मिक अभ्यास से अवगत करा रहे हैं।
जानिये कैसे फालुन दाफा स्कूली बच्चों को स्वास्थ्य और शैक्षणिक परिणामों मदद कर रहा है।
फालुन दाफा (या फालुन गोंग) (Falun Dafa) मन और शरीर का एक प्राचीन साधना अभ्यास है, जिसमें पांच सौम्य और...
फालुन गोंग (जिसे फालुन दाफा भी कहा जाता है) मन और शरीर का साधना अभ्यास है, जिसकी शुरुआत 1992 में श्री ली होंगज़ी द्वारा चीन की गयी।
इस वर्ष अप्रैल से जुलाई के बीच क्रिस ने तक उत्तर-पूर्व के राज्य त्रिपुरा में 17 स्थानों पर फालुन दाफा की 40 से अधिक कक्षाओं का आयोजन किया। इसमें 15 स्कूलों के अलावा एक विश्वविद्यालय और एक मंदिर शामिल थे। दस स्थान राजधानी अगरतला के बाहर थे। इस दूरस्थ क्षेत्र के लोगों ने फालुन दाफा के बारे में या चीन में इसके अभ्यासियों पर हो रहे दमन के बारे में कभी नहीं सुना था।
मन और शरीर की साधना पद्धति फालुन दाफा का अभ्यास विश्व में 100 से अधिक देशों में 10 करोड़ से अधिक लोगों द्वारा किया जा रहा है। लेकिन दुःख की बात यह है कि चीन, जो फालुन दाफा की जन्म भूमि है, वहां 20 जुलाई 1999 से इसका दमन किया जा रहा है जो आज तक जारी है।
13 मई का दिन पूरे विश्व में फालुन दाफा (Falun Dafa) अभ्यासियों के लिए एक विशेष महत्व रखता है। फालुन...
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