नई दिल्लीः इंडियन फार्मास्युटिकल अलायंस (आईपीए) द्वारा आयोजित दो-दिवसीय ग्लोबल फार्मास्युटिकल क्वालिटी समिट 2022 का बीती रात सफल समापन हुआ।...
हम जानते हैं कि भगवान शिव ने देवी पार्वती से विवाह किया था। देवी पार्वती भगवान शिव की शक्ति हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनकी शादी कैसे हुई? जानिए महादेव और माता पार्वती के विवाह की रोचक कथा...
। होली से 8 दिन पहले होलाष्टक होता है। होलाष्टक 10 मार्च से होगा। होलाष्टक के दिन कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। होली का पर्व चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को मनाया जाता है। इस साल होली का पर्व 18 मार्च को मनाया जाएगा।
अमेरिकन ऑन्कोलॉजी इंस्टीट्यूट ने अनूठे तरीके से मनाया अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 का जश्न; अपने अभियान ‘वी जर्नी विद यू’ के साथ कैंसर की जंग जीतने वाली महिलाओं के जज़्बे को किया सलाम
भद्रा काल में होलिका दहन को अशुभ माना जाता है। ज्योतिषों ने बताया कि इस समय 23 फरवरी से 24 मार्च तक गुरु तारा अस्त होने से विवाह, गृह प्रवेश, नींव, देव प्रतिष्ठा आदि शुभ कार्य बंद हैं। अब इसी बीच 10 मार्च से होलाष्टक भी लग गया है, जो कि 18 मार्च तक रहेगा।
‘हेल्थकेयर हीरोज ऑफ इंडिया’ अवार्ड्स के दूसरे संस्करण क लिए नामांकन आमंत्रित किये गये हैं। इस पुरस्कार से स्वास्थ्य रक्षा पेशेवरों और अग्रिम पंक्ति के कर्मियों को सम्मानित किया जाता है।
मान्यता है कि इसी दिन भगवानशिव अर्ध रात्रि में ब्रह्मा जी के अंश से लिंग रूप में प्रकट हुए थे। कई जगहों पर मान्यता है कि इसी दिन भोले नाथ का गौरा माता से विवाह हुआ था।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को भी ‘आरोग्य साहाय्य समिती’ की ओर से किया गया निवेदन
उत्तर बिहार में पांच हजार से ज्यादा आर्केस्ट्रा ग्रुप संचालित है। छपरा सीवान गोपालगंज बेतिया मोतिहारी शिवहर सीतामढ़ी मुजफ्फरपुर वैशाली...
मुंबई : देश में महिलाआें पर बढते अत्याचारों के पीछे विविध कारण हैं । इनमें चलचित्रों के माध्यम से प्रसारित...
विकारों की होली जलाकर जीवन में आनंद की वर्षा करने की सीख देने वाला त्योहार : फाल्गुन महीने में आने वाला ‘होली’ का उत्सव विकारों की होली जलाने वाला त्यौहार है ।
रंग खेलने से पहले अपने शरीर को नारियल अथवा सरसों के तेल से अच्छी प्रकार मल लेना चाहिए ताकि तेलयुक्त त्वचा पर रंग का दुष्प्रभाव न पड़े और साबुन लगाने मात्र से ही शरीर पर से रंग छूट जाये। रंग आंखों में या मुँह में न जाये इसकी विशेष सावधानी रखनी चाहिए। इससे आँखों तथा फेफड़ों को नुकसान हो सकता है।
