इस वर्ष अप्रैल से जुलाई के बीच क्रिस ने तक उत्तर-पूर्व के राज्य त्रिपुरा में 17 स्थानों पर फालुन दाफा की 40 से अधिक कक्षाओं का आयोजन किया। इसमें 15 स्कूलों के अलावा एक विश्वविद्यालय और एक मंदिर शामिल थे। दस स्थान राजधानी अगरतला के बाहर थे। इस दूरस्थ क्षेत्र के लोगों ने फालुन दाफा के बारे में या चीन में इसके अभ्यासियों पर हो रहे दमन के बारे में कभी नहीं सुना था।
2021-22 में वैश्विक दुग्ध उत्पादन में 24% योगदान देने वाला देश : रूपाला
एशिया के सबसे बड़े और सबसे भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं में से एक, अपोलो हॉस्पिटल्स समूह ने अपोलो क्लीनिकल इंटेलिजेंस इंजन के लॉन्च की घोषणा की है।
हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) हमेशा घूमनेवालों के सबसे प्रिय राज्यों में से एक है और रहेगा। खूबसूरत झरने, साफ-सुथरे पहाड़, राज्य के खास अल्पाइन आकर्षण और स्थानीय मिलनसार लोगों ने हिमाचल को एक खास पयर्टन स्थल बनाया है।
अनेक शहरों में पुस्तक मेलों, प्रदर्शनियों और फ्लावर शो (Flower Show) का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर भारत के फालुन दाफा (Falun Dafa) अभ्यासी भी इन मेलों में भाग ले रहे हैं और लोगों को इस अनोखे आध्यात्मिक अभ्यास से अवगत करा रहे हैं।
बता दें कि उत्तराखंड में एक ऐसी जगह है जिसे ‘मिनी मालदीव’ के नाम से जाना जाता है। आइये जानते हैं ‘मिनी मालदीव’ (Mini Maldives) के बारे में।
पैतृक संपत्ति पर दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
यदि आप इतिहास के शौकीन हैं, तो आपको दिल्ली में इन 8 ऐतिहासिक स्थानों की जाँच अवश्य करनी चाहिए, जो बिल्कुल आश्चर्यजनक हैं और फिर भी बहुत प्रसिद्ध नहीं हैं!
यूँ तो हम भी कोई बहुत पुरानी चीज नहीं हुए, पर वे दिन जरूर पुराने थे जब किसी के मुस्कुराने...
उत्तर-पूर्वी भारत की रहने वाली सुमाया हजारिका (Sumaya Hazarika) फैशन की दुनिया में तेजी से अपना नाम बना रही हैं। सेंट सिंट्रा के 2022 न्यूयॉर्क फैशन वीक (New York Fashion Week) में रैंप पर आने वाली युवा मॉडल ने लंदन, लॉस एंजिल्स, दुबई, भारत और टोक्यो में काम किया है।
होलिका दहन (Holika Dahan) इस बार 07 मार्च को किया जाएगा। होलिका दहनर छोटी होली (Holi) के नाम से भी जाना जाता है। होलिका दहन पूर्णिमा के दिन प्रदोष काल में की जाए तो सबसे शुभ होता है। होलिका दहन के दिन महिलाएं घर में सुख शांति के लिए पूजा करती हैं। होलिका दहन का यह दिन बुराई पर अच्छाई का प्रतीक माना जाता है।
असुराधिपति हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र को मारने की भी कई बार कोशिश की परंतु भगवान स्वयं उसकी रक्षा करते रहे और उसका बाल भी बांका नहीं हुआ। असुर राजा की बहन होलिका को भगवान शंकर से ऐसी चादर मिली थी जिसे ओढ़ने पर अग्नि उसे जला नहीं सकती थी। होलिका उस चादर को ओढ़कर प्रह्लाद को गोद में लेकर चिता पर बैठ गई।दैवयोग से वह चादर उड़कर प्रह्लाद के ऊपर आ गई, जिससे प्रह्लाद की जान बच गई और होलिका जल गई।












