शास्त्रों में नौ के आंकड़े को पूर्णांक व शुभ माना जाता है, इसलिए पूजा विधि में नौ ग्रहों की स्थापना होती है। रंग भी नौ हैं जिन्हें नवरंग कहा जाता है। श्रीराम ने शबरी को नवधा (नौ प्रकार) भक्ति का ज्ञान दिया था। नौ रसों का भी जीवन में बड़ा महत्व है। यहां हम माता के नौ रूपों को नौ रंगों में प्रस्तुत कर रहे हैं।
हमारे सनातनधर्म में कलश स्थापन का विशेष महत्व है। प्रत्येक शुभ कार्य में तथा छोटे से छोटे व वृहद् से वृहद् पूजनकर्म व अनुष्ठान में कलश स्थापन किया जाता है, और नवरात्रि में तो इसका अपना एक अलग हीं महत्व है।
माना जाता है कि इस स्थान का नाम तीन पशुओं श्री यानी मकड़ी, काल यानी सर्प और हस्ती यानी हाथी के नाम पर किया गया है। कहा जाता है कि तीनों ने ही यहां पर भगवान शिव की आराधना करके मुक्ति पाई थी। मकड़ी ने शिवलिंग पर तपस्या करके जाल बनाया, सांप ने शिवलिंग पर लिपटकर आराधना की और हाथी ने शिवलिंग को जल से स्नान करवाया था।
जहां अर्जुन ने महाभारत युद्ध में विजय प्राप्त करने हेतू रंगीत नदी के बगल मे शिव लिंग स्थापित क्षय करके भगवान शिव की आराधना की।
राम नवमी (Ram Navami) से लगभग एक माह बाद वैशाख शुक्ल नवमी तिथि को सीता जी का प्रकाट्य हुआ था,...
15000 किलोग्राम शुद्ध सोने से निर्मित है यह मंदिर, इतना स्वर्ण विश्व के किसी मंदिर में नहीं हुआ प्रयोग
शारदीय नवरात्रि का नौ दिवसीय पावन पर्व सोमवार 26 सितंबर 2022 को घटस्थापना के साथ शुरू होगा। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है।
सोमवार को कलश स्थापना के साथ ही नवरात्रि की शुरुआत हो गई। इस नवरात्रि मां दुर्गा के नौ रूपों की अलग-अलग तरीके से पूजा की जाएगी। आयुर्वेद में मां दुर्गा के नौ रूपों की अलग-अलग तरह से परिकल्पना की गई है। जमशेदपुर की आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ का कहना है कि ब्रह्माजी के दुर्गा कवच में वर्णित नवदुर्गा नौ विशिष्ट औषधियों में विराजमान है। आइये जानते हैं वो कौन सी औषधि हैं।
परवलपुर-एकंगरसराय रोड पर है एक छोटा सा गांव है मघड़ा सिद्धपीठ। सिद्धपीठ मघड़ा (Siddhpeeth Maghda) में शीतला माता मंदिर (Sheetla...
सीता नवमी (Sita Navami) एक हिंदू त्योहार है जिसे सीता की जयंती के रूप में मनाया जाता है। यह वैशाख के हिंदू महीने के नौवें दिन (नवमी) को मनाया जाता है
14 अक्टूबर, 2023 को सूर्य ग्रहण या सूर्य ग्रहण होगा। इसके समय, कारण और अन्य विवरणों के बारे में जानें।
यदि आपको सूर्य देव (Surya Dev) के दर्शन न हो तो रोज की तरह पूर्व दिशा में मुँह करके किसी...


