सभी देवों में महादेव का स्थान सबसे ऊंचा माना गया है। संहार के देवता भगवान शिव को सनातन धर्म के...
जयपुर की नाहरगढ़ पहाड़ी पर स्थित मंदिर में गणेश जी के बाल रूप की प्रतिमा स्थापित है। गणेश जी के बाल रूप को देखकर यहां आने वाला हर भक्त मंत्रमुग्ध हो जाता है। बिना सूंड़ वाले गणेश जी को देखकर लोग चकित भी हो जाते हैं।
कर्नाटक (Karnataka) के चामराजनगर (Chamarajanagar) में स्थित चामराजेश्वर मंदिर (Chamrajeshwar Temple) द्रविड़ वास्तुकला का एक शानदार उदाहरण है।
धन की अधिष्ठात्री देवी (Adhishthatri Devi) को प्रसन्न करने के लिए वैभव लक्ष्मी (Vaibhav Lakshmi) का व्रत करना उत्तम फलदायी माना गया है। जानते हैं ये व्रत कब और कैसे करना चाहिए। क्या है इस व्रत के नियम। व्रत कब कैसे करें, क्या खाएं, किस समय करें पूजा, जानें संपूर्ण विधि।
दिवाली से जुड़े इस त्योहार के अवसर पर नए आभूषण खरीदने की प्रथा है। व्यापारी भी इस दिन अपने तिजोरी...
जबलपुर: समर्थ सद्गुरु भैयाजी सरकार की निर्विकार निर्विकल्प निराहार चातुर्मास महा साधना एवं जन्माष्टमी के पावन पर्व श्रीमद्भागवत तत्व चिंतन...
छत्तीसगढ़ में एक ऐसा शनि मंदिर हैं, जहां शनि देव अपनी पत्नी के साथ विराजित है। एक तरफ जहां शनि मंदिर में महिलाओं का प्रवेश वर्जित है, वहीं यह एक अनोखा मंदिर है जहां पति-पत्नी साथ पूजा करते हैं।
अनमोल कुमार शनिदेव (Shanidev) के कई प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर देश के अलग अलग हिस्से में मौजूद है। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh)...
यह स्थान उत्तर प्रदेश के कानपुर के ग्रामीण क्षेत्र बांका छतरपुर, शिवराजपुर में बाबा खेरेश्वर धाम के नाम से स्थित है। कहते हैं कि अमर अश्वत्थामा आज भी यहां नित्य शिव उपासना करने आते हैं।
दिवाली से जुड़े इस त्योहार के अवसर पर नए आभूषण खरीदने की प्रथा है। व्यापारी भी इस दिन अपने तिजोरी...
विभीषण ने हनुमानजी की स्तुति में एक बहुत ही अद्भुत और अचूक स्तोत्र की रचना की है। विभीषण द्वारा रचित इस स्तोत्र को 'हनुमान वडवानल स्तोत्र' कहते हैं।
जबलपुर: समर्थ सद्गुरु भैयाजी सरकार की निर्विकार निर्विकल्प निराहार चातुर्मास महा साधना एवं जन्माष्टमी के पावन पर्व श्रीमद्भागवत तत्व चिंतन...





