तपस्या पूरी हुई तब देवी के इस त्याग पर भगवान विष्णु ने कहा- कि आज से मुझे मेरे नहीं, आपके नाम से जाना जाएगा। संस्कृत में बद्री (बदरी) का अर्थ बेर होता है, इसलिए श्रीहरि बद्रीनाथ (Shrihari Badrinath) कहलाए।
भगवान श्रीकृष्णद्वैपायन वेदव्यासजी ने अपनी तपस्या और ब्रह्मचर्य की शक्ति से वेदों का विभाजन कर मन-ही-मन में महाभारत (Mahabharat) की...
महाशिवरात्रि (Mahashivratri) दक्षिण भारत एवं महाराष्ट्र में शक संवत् कालगणनानुसार माघ कृष्ण चतुर्दशी तथा उत्तर भारत में विक्रम संवत् कालगणनानुसार फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को आती है।
महाशिवरात्रि भगवान शिव शंकर का दिन है। जहां सौंदर्य, सत्य और परोपकार है, वहां शिव हैं और, ऐसा कोई स्थान...
व्रत, रात्रि- जागरण, शिव-पूजन (निशीथकाल: रात्रि 12:26 से 1:15 तक) पहर- प्रथम शाम 6:43 से, द्वितीय: रात्रि 9:43 से, तृतीय: मध्य रात्रि 12:51 से, चतुर्थ 2 मार्च प्रातः 3:55 से)
झारखंड (Jharkhand) की राजधानी रांची (Ranchi) से 150 किमी दूरी इटखोरी (Itkhori) मेें सनातन, बौद्ध और जैन धर्म का समागम...
आज भी हर साल जगन्नाथ यात्रा के उपलक्ष्य में सोने की झाड़ू से पुरी के राजा खुद झाड़ू लगाने आते है।
अयोध्या (Ayodhya) राम नगरी (Ram Nagri) के रूप में जाना जाता है, लेकिन अयोध्या की राम की पैड़ी खेत्र में स्थित प्राचीन नागेश्वर नाथ मंदिर (Nageshwar Nath Mandir) भी है, जो पूरे देश में रहने वालों शिव भक्तों के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है।
महाशिवरात्रि पर घर में पारद शिवलिंग की स्थापना करें और उसकी पूजा करें। इसके बाद नीचे लिखे मंत्र का 108 बार जाप करें-
ऐं ह्रीं श्रीं ऊं नम: शिवाय: श्रीं ह्रीं ऐं
महाशिवरात्रि भगवान शिव शंकर का दिन है। जहां सौंदर्य, सत्य और परोपकार है, वहां शिव हैं और, ऐसा कोई स्थान...
शनि एक धीमी गति से चलने वाला ग्रह है। पुराणों में यह कहा गया है कि शनिदेव (Shanidev) लंगड़ाकर चलते हैं, जिस कारण उनकी गति धीमी है। उन्हें एक राशि को पार करने में लगभग ढाई वर्ष का समय लगता है। शनिदेव लंगड़ाकर क्यों चलते हैं? इस पर शास्त्रों में दो कथाएं प्रचलित हैं।
आज शुक्रवार मां लक्ष्मी का दिन है। मान्यता है कि आज के दिन मां लक्ष्मी की विधि-विधान के साथ पूजा करने पर माता की कृपा हमेशा व्यक्ति पर बनी रहती है। साथ ही व्यक्ति को सुख-समृद्धि और शांति भी मिलती है।




