गैर-हिंदू को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं
वरदविनायक मंदिर (Varadvinayak Temple) भगवान गणेशजी (Lord Ganesha) के अष्टविनायको (Ashtavinayak) में से एक है। यह मंदिर भारत में महाराष्ट्र राज्य के रायगढ़ जिले के कर्जत और खोपोली के पास खालापुर तालुका के महड गाँव में स्थित है।
प्रत्येक वर्ष शारदीय नवरात्रि के खत्म होते ही दशहरे का पर्व मनाया जाता है। तो वहीं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार...
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विविधताओं में एकता का प्रतीक भारतवर्ष पर्वों व त्योहारों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहाँ मनाए जाने वाले प्रत्येक पर्व...
आज हमारे चारों ओर का वातावरण अत्यंत दूषित हो गया है। जब हम प्रदूषण की बात करते हैं, तो सामान्यतः हम वायु...
शकूराबाद अखंड सौभाग्य के लिए सुहागिनों ने वट-सावित्री पूजा में बड़े ही उत्साह के साथ भाग लिया। रघुनाथगंज सूर्य मंदिर...
सूर्य देव को जल चढाने का उद्देश्य केवल सूर्य देव को प्रसन्न करना या यश की प्राप्ति करना नहीं है। इससे हमारे स्वास्थ्य को भी लाभ मिलता है।
प्रत्येक वर्ष शारदीय नवरात्रि के खत्म होते ही दशहरे का पर्व मनाया जाता है। तो वहीं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार...
भगवान व्यास भगवान के एक अवतार माने जाते हैं। अलौकिक दिव्य शक्ति वाले वे आज भी अमर हैं। वे समय-समय पर प्रकट होकर ये अधिकारी पुरुषों को अपना दर्शन देकर कृतार्थ किया करते हैं।
विविधताओं में एकता का प्रतीक भारतवर्ष पर्वों व त्योहारों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहाँ मनाए जाने वाले प्रत्येक पर्व...
हमारे देश में ऐसे बहुत से मंदिर स्थापित हैं, जिन सबकी मान्यताएं अलग-अलग है। कई मंदिर ऐसे हैं जो अपने...



