होली एक जीवंत और आनंदमय हिंदू त्योहार है जो मुख्य रूप से भारत और नेपाल में मनाया जाता है।
पुणे से 51 किमी दूर रंजनगांव में एक पौराणिक गणपति मंदिर है। हिन्दू धर्म ग्रंथों के मुताबिक इस स्थान पर...
शरद ऋतु की हवा में एक अलग तरह की महक होती है जो पूरे देश में उत्सवों और समारोहों की...
यह स्थान उत्तर प्रदेश के कानपुर के ग्रामीण क्षेत्र बांका छतरपुर, शिवराजपुर में बाबा खेरेश्वर धाम के नाम से स्थित है। कहते हैं कि अमर अश्वत्थामा आज भी यहां नित्य शिव उपासना करने आते हैं।
छपरा जिला मुख्यालय से महज दस किमी की दूरी पर स्थित पैराणिक गोदना, वर्तमान में रिविलगंज, के विषय में कम जानते होंगे। वस्तुत: यह क्षेत्र आरण्यक संस्कृति का प्रतिविम्ब है। घाघरा के तट पर यह स्थान ऋषि-मुनियों का साधना क्षेत्र रहा है। त्रेता युग में इसी स्थान पर महर्षि श्रृंगी के द्धारा कराए गए पुत्र्येष्टि यज्ञ के कारण ही प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ था।
अग्रतश्चतुरो वेदा: पृष्ठत: सशरं धनु: । इदं ब्राह्मम् इदं क्षात्रं शापादपि शरादपि ॥ अर्थ : चारों वेद कंठस्थ कर ब्राह्मतेज...
According to Hindu practice, the upavasa (fast) and main rituals are observed on 3 January based on the sunrise-based Udaya Tithi.
वृक्ष सदा उपकार की खातिर जीते है। इसलिये हम वृक्षों के कृतज्ञ है। वृक्षों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने हेतु परिवार के प्रति व्यक्ति को हरियाली अमावस्या पर एक-एक पौधारोपण करना चाहिये।
विभीषण ने हनुमानजी की स्तुति में एक बहुत ही अद्भुत और अचूक स्तोत्र की रचना की है। विभीषण द्वारा रचित इस स्तोत्र को 'हनुमान वडवानल स्तोत्र' कहते हैं।
गंगा दशहरा हिंदू धर्म में सबसे शुभ त्योहारों में से एक है। यह पवित्र नदी गंगा की उत्पत्ति को चिह्नित...
चैती देवी मंदिर (Chaiti Devi mandir) उत्तराखंड (Uttarakhand) के उधम सिंह नगर जिले में काशीपुर (Kashipur) सिटी बस स्टैंड से 2.5 किमी दूर काशीपुर के कुंडेश्वरी रोड पर स्थित है। चैती देवी मंदिर को माता बालसुंदरी मंदिर (Mata Balasundari mandir) के नाम से भी जाना जाता है, कई भक्त यहां आध्यात्मिक आनंद में डूबने और पवित्र मंदिर के दर्शन करने आते हैं। मंदिर को ज्वाला देवी मंदिर (Jwala Devi Mandir) और उज्जैनी देवी (Ujjaini Devi) के नाम से भी जाना जाता है। यह काशीपुर के सबसे लोकप्रिय मंदिरों में से एक है।
‘गणेश टोक’ (Ganesh Tok) गंगटोक (Gangtok) में भगवान गणेश (Lord Ganesha) को समर्पित मंदिर है। गंगटोक से 6 किमी की दूरी पर स्थित यह मंदिर, ताशी व्यूपॉइंट के पास, गणेश टोक व्यू पॉइंट गंगटोक के सबसे लोकप्रिय आकर्षणों में से एक है।






