नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देशवासियों को...
अखिलेश, येचुरी, फारुक व टीएमसी के सुधींद्र समेत कई विपक्षी नेता रहे मौजूद, टीआरएस साथ, झामुमो ने अभी तक पत्ते नहीं खोले
इस बाढ़ के आने के बाद लोग न सिर्फ शेल्टर्स के बिना हैं, बल्कि पानी और भूख की भी कमी से भी जूझ रहें है। ये आपदा पहले से कहीं अधिक बड़ी हो गई है और वहां रहने वाले लोग आर्थिक संकट में भी फंसने वाले हैं।
राष्ट्रपति चुनाव (Presidential election)के बाद अब चुनाव आयोग ने आज बुधवार को उपराष्ट्रपति चुनाव (Vice Presidential election) के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया है। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए 6 अगस्त 2022 को वोट डाले जाएंगे और उसी दिन परिणाम भी आ जाएंगे।
सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर में की। मुख्यमंत्री ने मृतक के आश्रित परिवार को 50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की भी घोषणा की, जिसकी पहचान कन्हैया लाल के रूप में हुई है। नूपुर शर्मा का समर्थन करने वाले एक सोशल मीडिया पोस्ट पर हिंदू दर्जी की हत्या कर दी गई।
भारी सुरक्षा के बीच जुलूस निकालने के दौरान विभिन्न हिंदू संगठनों के लगभग 1,000 प्रदर्शनकारियों ने भगवा झंडे लिए और न्याय की मांग करते हुए नारे लगाए। मंगलवार को जिस इलाके में भीषण हत्या हुई थी, उस इलाके के पास प्रदर्शनकारियों के चले जाने से तनाव चरम पर था। पुलिस ने आक्रोशित भीड़ को तितर-बितर किया।
कोर्ट ने पूछा-क्या डिप्टी स्पीकर अपने ही मामले में जज बन गए हैं? विधायकों की सुरक्षा देने का महाराष्ट्र सरकार को निर्देश
महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री और सीएम उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के बेटे आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) अपनी विवादित टिप्पणी के बाद निशाने पर आ गए हैं। जाहिर तौर पर शिवसेना (Shiv Sena) के बागी नेताओं को नीचा दिखाने के लिए, उनकी इस टिप्पणी ने एक बड़े विवाद को जन्म दिया।
जमीयत उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना हलसीमुद्दीन कासमी ने उदयपुर में नृशंस हत्या की घटना की निंदा की और कहा कि जाहिर तौर पर पैगंबर के अपमान के बहाने देश के कानून के खिलाफ और धर्म के खिलाफ किसी को भी इस तरह की कार्रवाई करने का कोई अधिकार नहीं है।
शिवसेना के बागी नेता शिंदे कुछ विधायकों के साथ बुधवार तड़के ब्रह्मपुत्र के तट पर नीलाचल पहाड़ी के ऊपर स्थित कामाख्या मंदिर का दौरा किया। शिंदे और उनके सहयोगियों के साथ असम के भाजपा विधायक सुशांत बोरगोहेन भी थे।
कन्हैया लाल (Kanhaiya Lal) ने 15 जून को उदयपुर (Udaipur) पुलिस में एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उन्हें धमकियां मिल रही हैं, लेकिन पुलिस ने मामले की गंभीरता को नहीं समझा और इसके बजाय दोनों पक्षों के बीच एक समझौता करवाने की कोशिश की। जिसका खामियाजा कन्हैया लाल को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की। टेलीफोन पर बातचीत में, दोनों...
