भगवान श्रीकृष्णद्वैपायन वेदव्यासजी ने अपनी तपस्या और ब्रह्मचर्य की शक्ति से वेदों का विभाजन कर मन-ही-मन में महाभारत (Mahabharat) की...
कहते हैं कि भगवान कृष्ण (Lord Krishna) की 16,108 पत्नियां थीं। क्या यह सही है? इस संबंध में कई कथाएं प्रचलित हैं और लोगों में इसको लेकर जिज्ञासा भी है। आइए, जानते हैं कि कृष्ण की 16,108 पत्नियां होने के पीछे राज क्या है?
यह स्थान उत्तर प्रदेश के कानपुर के ग्रामीण क्षेत्र बांका छतरपुर, शिवराजपुर में बाबा खेरेश्वर धाम के नाम से स्थित है। कहते हैं कि अमर अश्वत्थामा आज भी यहां नित्य शिव उपासना करने आते हैं।
महाभारत (Mahabharat) के कुछ रोचक किस्से ऐसा हैं, जो बहुत कम सुने जाते हैं। इनमें से एक है अर्जुन (Arjun)...
पौराणिक मान्यताओं अनुसार प्रभु ने त्रेता में श्री राम के रूप में अवतार लेकर बाली को छुपकर तीर मारा था। कृष्णावतार के समय भगवान ने उसी बाली को जरा नामक बहेलिया बनाया और अपने लिए वैसी ही मृत्यु चुनी, जैसी बाली को दी थी।
महर्षि वेद व्यास रचित महाभारत के मौसल पर्व में भगवान श्रीकृष्ण की मृत्यु और उनकी द्वारका नगरी के समुद्र में समा जाने का विवरण दिया गया है।
गणेश जी की शर्त थी कि महर्षि एक क्षण के लिए भी कथावाचन में विश्राम ना लेंगे। यदि वे एक क्षण भी रूके, तो गणेश जी वहीं लिखना छोड़ देंगे। महर्षि ने उनकी बात मान ली और साथ में अपनी भी एक शर्त रख दी कि गणेश जी बिना समझे कुछ ना लिखेंगे। हर पंक्ति लिखने से पहले उन्हें उसका मर्म समझना होगा। गणेश जी ने उनकी बात मान ली।
भगवान श्री कृष्ण अजन्मा होकर भी पृथ्वी पर जन्म लेते हैं ,मृत्युंजय होने पर भी मृत्यु का वरण करते हैं और सर्वशक्तिमान होने पर भी उनका जन्म कारागार में होता है।भगवान श्री कृष्ण कहते हैं जब जब इस पृथ्वी पर धर्म की हानि होती है ,विनाश का कार्य होता है और अधर्म बढ़ता है तब -तब मैं इस धरती पर आता हूं और अवतार लेता हूं।




