अगस्त के महीने में दो लंबे वीकेंड है, जिनका मजा दोगुना हो सकता है अगर आप इसकी सही योजना बनाते हैं और सही जगहों पर घूमने के लिए जाते हैं। यदि आपने अभी भी कोई योजना नहीं बनाई है, तो जल्द ही छुट्टी के लिए मानसून में बेहतर गंतव्य का प्लान बनाए और अपने वीकेंड का पूरा मजा लें।
वैसे तो समुद्र तट पर जाने की बात हो तो लोगों के मन में गोवा जाने का ही विचार आता है, लेकिन भारत में गोवा के अलावा और भी कई बीच हैं जहां का सौन्दर्य मन को मोह लेता है। यहां जानिए स्कूबा डाइविंग, सर्फिंग और स्नॉर्कलिंग एडवेंचर के लिए सर्वश्रेष्ठ समुद्र तटों के बारे में।
चिया सीड्स (Chia seeds) विटामिन, खनिज और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट का एक उत्कृष्ट स्रोत हैं। इनमें से कुछ एंटीऑक्सीडेंट में शामिल हैंः
कजरी तीज (Kajri Teej) रक्षाबंधन के 3 दिन बाद मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि 1 सितंबर की रात 11.50 बजे प्रारंभ होगा तथा 2 सितंबर को रात 8.49 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार यह त्यौहार 2 सितंबर को मनाया जाएगा।
यह त्यौहार सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व रखता है, जो भारतीय संस्कृति में पारिवारिक संबंधों के महत्व को मजबूत करता है। यह एक ऐसा समय है जब परिवार एक साथ आते हैं, आशीर्वाद का आदान-प्रदान करते हैं और भाई-बहनों के बीच स्थायी बंधन का जश्न मनाते हैं।
भगवान कृष्ण को समर्पित भजन पूरे दिन गाए जाते हैं। लोग अक्सर रास-लीला जैसे पारंपरिक नृत्य रूपों में संलग्न होते हैं, जिसमें गोपियों के साथ कृष्ण की चंचल गतिविधियों को दर्शाया जाता है।
नई दिल्ली/मुंबई: माइंडपीयर्स, अपनी तरह का पहला न्यूरोसाइंस-समर्थित और साक्ष्य-आधारित मानसिक स्वास्थ्य मंच ने अपनी शोध रिपोर्ट प्रकाशित की हैं,...
रक्षा बंधन हिंदू समुदाय के सबसे लोकप्रिय त्योहारों में से एक है और इसे भाई और बहन के बीच के रिश्ते का सम्मान करने के दिन के रूप में मनाया जाता है।
फालुन दाफा (जिसे फालुन गोंग भी कहा जाता है) मन और शरीर का उच्च स्तरीय ध्यान अभ्यास है। बैंगलोर के फालुन दाफा अभ्यासियों ने लालबाग बोटैनिकल गार्डन में 5 से 15 अगस्त, 2023 तक आयोजित फ्लावर शो में भाग लिया।
तीज (Teej), जिसे हरतालिका तीज (Hartalika Teej) के नाम से भी जाना जाता है, एक हिंदू त्योहार है जो मुख्य रूप से भारत और नेपाल के विभिन्न हिस्सों में महिलाओं द्वारा मनाया जाता है।
इस साल जन्माष्टमी पर रोहिणी नक्षत्र और अष्टमी तिथि रात में पड़ रही है। इसलिए भक्त अनिश्चित हैं कि कृष्ण जन्माष्टमी 6 सितंबर को पड़ेगी या 7 सितंबर को। द्रिक पंचांग के अनुसार, कृष्ण जन्माष्टमी लगातार दो दिन पड़ रही है।
Janmashtami 2023: 6 और 7 सितंबर को भगवान कृष्ण के जन्म के उपलक्ष्य में जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाएगा। यहां बताया गया है कि व्रत रखते समय क्या सावधानियां बरतें। क्या करें और क्या न करें।











