भगवान गणेश (Bhagwan Ganesh) देवाधिदेव शिव परिवार में ज्येष्ठ पुत्र हैं। शिव परिवार (Shiv Parivar) के प्रत्येक सदस्य या उनसे...
गंगा दशहरा हिंदू धर्म में सबसे शुभ त्योहारों में से एक है। यह पवित्र नदी गंगा की उत्पत्ति को चिह्नित...
कोंकण समुद्र तट पर श्री गणेश का एक विशाल मंदिर स्थापित है। मंदिर में भक्तों का तांता सालभर लगा रहता है। गणेशोत्सव के दौरान तो यहां की रौनक आकर्षण का केंद्र होती है। यहां स्थित स्वयंभू गणेश मंदिर पश्चिम द्वारदेवता के रूप में भी प्रसिद्ध हैं। गणेश जी के इस प्राचीन मंदिर में लोग गणपति का आशीर्वाद लेने दूर-दूर से आते हैं और प्रसन्न होकर जाते हैं।
गुरुपर्व हमें याद दिलाता है कि "न कोई हिंदू है, न कोई मुसलमान - हम सब एक ही भगवान के बच्चे हैं।"
काशी विश्वनाथ धाम-ज्ञानवापी (Kashi Vishwanath Dham - Gyanvapi) स्थित मां श्रृंगार गौरी (Maa Shringar Gauri) और अन्य देव विग्रहों के सर्वे के मामले में तीन दिनों से चल रही सभी पक्षों की बहस बुधवार को पूरी हो गई। दो घंटे तक चली दोनों पक्षों की बहस को सुनने के बाद सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है।
पवनपुत्र हनुमान (Pawanputra Hanuman) जी की आराधना तो सभी लोग करते हैं और हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) का पाठ भी करते हैं, पर यह कब लिखा गया, इसकी उत्पत्ति कहाँ और कैसे हुई यह जानकारी बहुत ही कम लोगों को होगी।
गंगा दशहरा हिंदू धर्म में सबसे शुभ त्योहारों में से एक है। यह पवित्र नदी गंगा की उत्पत्ति को चिह्नित...
गंगा सप्तमी (Ganga Saptami) एक हिंदू त्योहार है जो वैशाख (अप्रैल-मई) के हिंदू महीने में चंद्रमा (शुक्ल पक्ष) के वैक्सिंग चरण के सातवें दिन (सप्तमी) मनाया जाता है। यह त्योहार गंगा नदी (गंगा) की पूजा के लिए समर्पित है, जिसे हिंदू धर्म में एक पवित्र नदी माना जाता है। इस वर्ष गंगा सप्तमी 27 अप्रैल को मनाई जाएगी।
Gopinath Mandir: उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली (Chamoli) जिले गोपेश्वर (Gopeshwar) में शिव को समर्पित एक प्राचीन गोपीनाथ मंदिर (Gopinath Mandir)...
मान्यताओं के अनुसार इसी दिन चारों वेदों का ज्ञान देने वाले महर्षि वेद व्यास जी का जन्म हुआ था। शिवपुराण के अनुसार, वेद व्यास जी भगवान विष्णु के अंशावतार माने जाते हैं। ऐसे में पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की पूजा का भी विशेष महत्व होता है।
वास्तव में शिव का अवतार हनुमान (Shiv ka Avtaar Hanuman) ही थे और यह भी सत्य है कि भगवान राम (Bhagwan Ram) ही शिव के हनुमान अवतार (Hanuman Avtaar) का कारण बने थे। रामायण में बताया गया है कि एक बार भगवान शिव की भी इच्छा हुई कि पृथ्वीलोक चलकर भगवान राम के दर्शन किये जायें। उस समय भगवान राम जी की आयु लगभग 5 वर्ष के आसपास रही होगी।
हनुमान जन्मोत्सव (Hanuman Janmotsav), जिसे हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) के रूप में भी जाना जाता है, भगवान हनुमान के जन्म को चिह्नित करने के लिए मनाया जाने वाला एक हिंदू त्योहार है, जिसे हिंदू पौराणिक कथाओं में शक्ति, भक्ति और वफादारी के प्रतीक के रूप में माना जाता है।



