काशी (Kashi) यानी वाराणसी (Varanasi) में हनुमान जी (Hanuman ji) का मंदिर आस्था और विश्वास का बहुत बड़ा धार्मिक स्थल माना गया है। संकटमोचन मंदिर (Sankatmochan Mandir) के नाम से प्रसिद्ध इस मंदिर का इतिहास करीब 400 साल पुराना है।
मकर संक्रांति या माघी या केवल संक्रांति, हिंदू त्योहार है, जो सूर्य देवता को समर्पित है। मकर संक्रांति एक निश्चित...
प्रभु राम के सबसे बड़े भक्त माने जाने वाले कलयुग के जीवित देवता हनुमान जी (Hanuman ji) तब अधिक प्रसन्न होते हैं जब उनके भक्त राम नाम का जाप करते हैं। मान्यता है कि जहां कहीं भी राम कथा चलती है वहां हनुमान जी किसी न किसी रूप में उपस्थित होते ही हैं। माता सीता से हनुमान जी को अजर-अमर रहने का वरदान प्राप्त है।
मान्यता है कि इस दिन हनुमान जी की सच्चे मन से पूजा और सेवा करने वालों को वह कभी निराश नहीं करते और हर संकट से उन्हें बचाने स्वंय दौड़े चले आते हैं। यही वजह है कि मंगलवार व्रत का विशेष महत्व है।
शेषनाग की हुंकार से आज भी खौलता है यहाँ का पानी
ज्योतिष और वास्तुशास्त्र के अनुसार पश्चिम दिशा के स्वामी शनि देव (Shani Dev) हैं इसलिए यहां भगवान शनि देव की...
पुराणों से पता चलता है कि शिव और महेश दोनों अलग-अलग सत्ताएं थीं। शिव के जिस निराकार रूप की चर्चा की जाती है दरअसल वे पार्वती के पति नहीं है, वे तो परब्रह्म सदाशिव हैं। शंकर को ही महेश कहा गया है। भगवान शिव की चार पत्नियां थीं। आज जानिए उनके बारे में।
मकर संक्रांति या माघी या केवल संक्रांति, हिंदू त्योहार है, जो सूर्य देवता को समर्पित है। मकर संक्रांति एक निश्चित...
बजरंगबली (Bajrangbali) को भगवान भोलेनाथ का ग्यारहवां अवतार भी माना गया है। उन्हें कलयुग का देवता कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि जो भी व्यक्ति मंगलवार को विधि-विधान से हनुमान जी की पूजा करता है, उसके जीवन के सारे संकट दूर हो जाते हैं।
यह मंदिर काफी रोचक है। पूरा मंदिर मंडूक तंत्र (Manduk Tantra) और श्रीयंत्र (Shriyantra) पर बना हुआ है। मेंढक मंदिर में स्थापित नंदी जी की मूर्ति खड़ी हुई है। जिसके लिए इस मंदिर की पूरे देश में अलग ही पहचान है। मंदिर का निर्माण करीब 230 वर्ष से भी अधिक पहले हुआ था। इसका निर्माण तत्कालीन ओयल स्टेट के राजा बख्श सिंह ने करवाया था।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत मे दो तरह की मंदिर निर्माण शैलियां है उत्तर भारत (नागर शैली) दक्षिण भारत (द्रविड़ शैली)। उत्तर भारत मे छत को मंदिर वास्तु की भाषा मे शिखर कहते है और दक्षिण भारत मे इसको विमान कहते है। दक्षिण भारत मे शिखर सिर्फ ऊपर रखे पत्थर को बोलते, जबकि उत्तर भारत मे सबसे ऊपर कलश रखा होता है। इसके अलावा इन से मिलती-जुलती कुछ और मंदिर निर्माण शैलियां भी होती है।
बिहार की मधुबनी जिले के मंगरौनी ग्राम में ऐसा अद्भुत श्री श्री 108 एकादश रूद्र महादेव मंदिर है। यह मधुबनी...




