बिहार की मधुबनी जिले के मंगरौनी ग्राम में ऐसा अद्भुत श्री श्री 108 एकादश रूद्र महादेव मंदिर है। यह मधुबनी...
बुधवार का दिन भगवान गणेश (Lord Ganesha) को समर्पित है। इस दिन भक्त पूरी श्रद्धा के साथ विघ्नहर्ता गणेश की पूजा करते हैं। गणेश भगवान को रिद्धि सिद्धि का दाता कहा जाता है और किसी भी पूजा को शुरू करने से पहले गणेश जी की पूजा अवश्य की जाती है
कर्नाटक के मैंगलोर से महज़ 26 किमी की दूर कातील में देवी मां का प्रसिद्ध दुर्गा परमेश्वरी के मंदिर (Durga Parameshwari Temple) है।
देश के अलग-अलग भागों में स्थित भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग (Jyotirlinga) में से सबसे खास है श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग (Mahakaleshwar Jyotirlinga)। इन्हें द्वादश ज्योतिर्लिंग (Dwadash Jyotirlinga) में से एक कहा गया है। इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन, पूजन, आराधना से भक्तों के जन्म-जन्मांतर के सारे पाप समाप्त हो जाते हैं। वे भगवान शिव की कृपा के पात्र बनते हैं। यह परम पवित्र ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित है।
उत्तराखंड को महादेव शिव की तपस्थली भी कहा जाता है। भगवान शिव इसी धरा पर निवास करते हैं। इसी जगह पर भगवान शिव का एक बेहद खूबसूरत ताड़केश्वर भगवान का मंदिर है।
देवो के देव महादेव (Mahadev) भगवान शिव और सती का अद्भुत प्रेम शास्त्रों में वर्णित है। इसका प्रमाण है सती के यज्ञ कुण्ड में कूदकर आत्मदाह करना और सती के शव को उठाए क्रोधित शिव का तांडव करना। हालांकि यह भी शिव की लीला थी क्योंकि इस बहाने शिव 51 शक्ति पीठों की स्थापना करना चाहते थे।
भगवान गणेश (Lord Ganesha) के एक ऐसे चमत्कारिक मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी (Puducherry) में स्थित है। शास्त्रों में वर्णित इस मनाकुला विनायगर मंदिर (Manakula Vinayagar Temple) की विशेषता है यहाँ विराजमान चमत्कारी प्रतिमा, जिसे फ्रांसीसियों ने नुकसान पहुँचाने की कोशिश की, लेकिन हमेशा असफल रहे।
शनिदेव (Shanidev) अत्यंत करुणा की मूर्ति है दुनिया जबरन उनसे भय खाती है। वह जब मनुष्यों पर आते हैं तो मनुष्य निर्बल नहीं अपितु समय से दो-दो हाथ करने के लिए सबल हो जाता है। उसमें अन्याय से लड़ने की उसमें जबरदस्त शक्ति आ जाती है।
महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। ज्योतिर्लिंग (Jyotirlinga) मतलब वह स्थान जहां भगवान शिव ने स्वयं लिंगम स्थापित किए थे। भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर मध्यप्रदेश के उज्जैन नगर में स्थित है।
नंदी को भक्ति और शक्ति के प्रतीक माना गया है। कहा जाता है कि जो भी भगवान भोले (Bholenath) से मिलना चाहता है नंदी पहले उसकी भक्ति की परीक्षा लेते हैं। भगवान शिव के प्रति नंदी की भक्ति और समर्पण की वजह से ही कलियुग में भी भगवान शिव के साथ नंदी की पूजा की जाती है।
धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान शिव के 19 अवतार हुए हैं। उनमें से वृषभ अवतार भगवान शिव ने एक बैल...
ब्रम्हा, विष्णु और महेश में देवाधिदेव शिव सबसे शक्तिशाली माने जाते हैं। इसी कारण महादेव को देवाधिदेव भी कहा जाता...








